बांदा। रंगारंग कार्यक्रमों से भरपूर मंच पर आधा
दर्जन किसान परिवारों को आर्थिक मदद दी गई। देश के कई शहरों से आए कलमकारों
और कलाकारों ने बुंदेलखंड में किसानों की बदहाली और आत्महत्याओं पर चिंता
जताते हुए संकट के दौर से गुजर रहे किसानों में हौसला जगाने की कोशिश की।
रविवार
को शाम शहर के मंगलम सभागार में अन्नदाता की आखत/एक शाम किसान के नाम का
भव्य आयोजन हुआ। बांदा जनपद के आधा दर्जन उन किसानों के आश्रितों और उनके
परिवारों को इस मौके पर विशेष रूप से बुलाया गया था, जिन किसानों ने हालात
से तंग आकर खुदकुशी कर ली।
दानदाताओं से मिली मदद राशि किसान
परिवारों को मंच पर मेहमानों ने सौंपी। किसानों के नाम की शाम को नेपाल की
अभिनेत्री रायल कल्पना ने भी रंगारंग बनाया।
आकर्षण का केंद्र रही
अभिनेत्री ने किसानों के प्रति संवेदना जताई और मदद में साथ रहने का भरोसा
दिलाया। रायल कल्पना नेपाल में कांग्रेस ट्रेड यूनियन की अध्यक्ष भी हैं।
सीधी
(एमपी) से आए नीरज कुंडीर और रोशनी प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में इंद्रवती
नाट्य समिति ने किसान आत्महत्या पर मार्मिक मंचन किया। कार्यक्रम अध्यक्ष
सुधीर जैन ने बुंदेलखंड में प्राकृतिक संपदा के अंधाधुंध दोहन पर तत्काल
रोक लगाने की मांग की।
दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार पीयूष बवेले ने
कहा कि ऐसे आयोजन किसानों में हौसला भरेंगे। उन्होंने किसानों का अपमान
करने वालों को आड़े हाथों लिया।
कलमकार जीशान अख्तर, अरिदंम घोष, संतोष पाठक और किसान यूनियन नेता शिवनारायण सिंह परिहार ने भी किसानों की पुरजोर वकालत की।
कार्यक्रम
में पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस, जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा,
वरिष्ठ चिकित्सक डा. शबाना रफीक, पूर्व प्राचार्य बाबूलाल गुप्ता,
प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह, (बड़ोखर खुर्द) शामिल रहे।