दहेज की मांग पूरी न होने और बेटी पैदा होने पर ससुराल में प्रताड़ना और पेशाब पिलाने जैसी हैवानियत के खिलाफ माता-पिता संग अनशन करने वाली विवाहिता को न्याय की आस जगी है। बुधवार को ससुरालीजनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद उसने अनशन खत्म कर दिया है। विवाहिता का कहना है कि दो दिन में आराोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो वह पिता के साथ जिला मुख्यालय के बाहर अनशन पर बैठेगी। इस मामले में पति, सास, ससुर और ननद, जेठ के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है।
गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव निवासी जगरूप कपरिया अपनी विवाहिता बेटी रामा, पत्नी और बच्चों के साथ गांव मेें ही अनशन पर बैठा था। अनशन की वजह बेटी के साथ ससुरालियों की हैवानियत थी। उसकी बेटी रामा बिसंडा में ब्याही है।
आरोप है कि उसे ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा। इस दौरान पेशाब तक पिलाया गया। अमर उजाला ने हैवानियत की इस खबर को प्रमुख से प्रकाशित किया।
खबर का असर हुआ और बिसंडा पुलिस ने आरोपी पति मनीष, ससुर संतोष, सास श्यामा, ननद ममता और जेठ अवधेश के विरुद्ध धारा 498ए, 223, 504 आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गिरवां थाना पुलिस ने बड़ोखर गांव आकर अनशन खत्म कराया। पीड़िता रामा और उसके पिता जगरूप ने कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो दो दिन के बाद मंडल मुख्यालय बांदा में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।