दुराचारी को अपने जुर्म की सजा 18 वर्षों के बाद मिली। अदालत ने उसे सात साल की सश्रम कैद और दो हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। गिरवां थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 अक्तूबर 1997 को वह खेत बो रहा था। उसकी पुत्रवधू खेत से वापस घर जा रही थी।
करीब दो बजे रास्ते में नाले में परमा पुत्र विशुंथा ने उसे दबोच लिया और दुराचार किया। पुलिस ने धारा 376 व एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने सात गवाह पेश किए। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी हरीनाथ पांडेय ने आरोपी को सात वर्ष की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर दो माह की कैद और होगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी।