कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने आए जिला अधिवक्ता संघ पदाधिकारी
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अधिवक्ताओं की हड़ताल को अमान्य घोषित किए जाने पर अधिवक्ता संघ ने विरोध जताया है। सोमवार को इसी मुद्दे पर अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। प्रस्ताव पारित करके इस कानून की निंदा की।
हड़ताल के दौरान जिला अधिवक्ता संघ ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। संघ अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू सहित अन्य पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं के हस्ताक्षरों से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्रिमिनल अपील (कृष्णकांत टरमाकर बनाम मध्य प्रदेश राज्य) में अधिवक्ताओं की सभी प्रकार की हड़ताल व विरोध प्रदर्शन को अमान्य और अविधिक घोषित कर दिया है।
ज्ञापन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का हवाला देकर कहा गया है कि शांतिपूर्ण व हिंसा व्यवहारों में प्रत्येक व्यक्ति को हड़ताल या विरोध प्रदर्शन का मौलिक अधिकार प्राप्त है। अधिवक्ता संघ ने इस नियम के विरुद्ध प्रस्ताव भी पारित किया है। राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि न्यायिक दृष्टिकोण अपनाते हुए इस कानून को क्रियान्वित न होने दें।