बांदा। गोशाला वीरान और अन्ना पशु बाहर मिलने पर सीडीओ ने दो गांवों के सचिवों को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि और एक वेतन वृद्धि रोक दी है। बीडीओ को जांच कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा ने शुक्रवार को बड़ोखर व बिसंडा विकास खंड की गुरेह और घूरी गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया। गुरेह गांव में गोशाला का फाटक खुला था और पशु बाहर थे। घूरी गांव में गोशाला का फाटक बंद और पशु बाहर थे। सीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी कमलेश प्रजापति (गुरेह) और अजीत कुमार (घूरी) को प्रतिकूल प्रविष्टि व एक वेतन वृद्धि रोकते हुए बीडीओ को तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा।
उधर, सदर एसडीएम सुरजीत सिंह ने भदेहदू गांव में हथकरघा विभाग की जमीन में अनाधिकृत रूप से संचालित अस्थायी गोशाला को हटाने के लिए कहा। नगर पंचायत ओरन, ग्राम पंचायत कौहारा व सिंहपुर की गोशाला में पशुओं में इयर टैंगिग न पाए जाने पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के समय बीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान व ग्रामीण मौजूद रहे।
पांच गोशालाएं चलाएंगी स्वयंसेवी संस्थाएं
बांदा। जनपद की पांच गोशालाएं स्वयंसेवी संस्थाएं संचालित करेंगी। उन्हें प्रति पशु 900 रुपये मासिक दिया जाएगा। चारे-भूसे के लिए एक लाख रुपये एडवांस दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग ने मानवोदय सेवा संस्थान को मनीपुर और पिथौराबाद (महुआ) गोशालाएं, जागृति सेवा संस्थान को तुर्रा व पौहार की गोशालाएं और ग्राम विकास फाउंडेशन (बांदा) को खप्टिहा कलां गोशाला संचालन की जिम्मेदारी दी है। पिथौराबाद व मनीपुर में 150-150, तुर्रा व पौहार में 300 और खप्टिहाकलां में 450 पशु बताए गए हैं।
पशु पालन विभाग के उप निदेशक मनोज अवस्थी ने बताया कि इन सभी अन्ना पशुओं को इयर टैगिंग के बाद संस्था को सौंप दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि गोशाला में आने वाले नए पशुओं की इयर टैगिंग कराई जाए। बिना टैगिंग के पशु के भरण पोषण का भुगतान नहीं किया जाएगा।