बांदा। बीएससी नर्सिंग में जालसाजी से प्रवेश पा चुके छात्र की विश्वविद्यालय की ओर से की गई री-चेकिंग में फोटो मिलान करने पर बांदा के रानी दुर्गावती नर्सिंग कॉलेज का एक छात्र इस गड़बड़ी से उजागर हुआ। कॉलेज के प्राचार्य की ओर से आरोपी छात्र के खिलाफ विश्वविद्यालय के आदेश पर बांदा शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी छात्र का प्रवेश निरस्त कर उसे प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा देने से भी रोक दिया गया है। वर्तमान में वह छात्र अपने गृह जनपद में होना बताया गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओर से चार जून 2023 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीएससी नर्सिंग के लिए कॉमन नर्सिंग प्रवेश परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा में चयनित हुए 60 छात्र-छात्राओं के प्रवेश रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज कैंपस में स्थित रानी दुर्गावती नर्सिंग कॉलेज में लिए गए थे।
कॉलेज में पहली अगस्त से 2023 से कक्षाएं लगना शुरू हुई थीं। इस बीच विश्वविद्यालय के आदेश पर नवंबर माह में री-चेकिंग के लिए प्रवेश ले चुके छात्रों की फोटोग्राफी कराई गई थी। इसमें प्रवेश परीक्षा के दौरान की गई फोटोग्राफी से इस फोटो का मिलान कराया गया तो रानी दुर्गावती नर्सिंग कालेज के छात्र महाराज गंज जिले के बरुआ राजा बरई पट्टी निवासी रामऔतार वर्मा पुत्र पन्नालाल वर्मा का मामला संदिग्ध पाया गया।
विश्वविद्यालय की ओर से गहन जांच की गई तो प्रवेश परीक्षा में बैठे छात्र और कक्षा में पढ़ रहे छात्र की फोटो में भिन्नता पाई गई। जिस पर विश्वविद्यालय के आदेश पर 30 दिसंबर को छात्र का प्रवेश निरस्त करते हुए 23 जनवरी 2024 को हो हुई प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा से उसे वंचित कर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से छात्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दो फरवरी को आदेश किया गया। जिस पर प्राचार्य डॉ. अरविंद शर्मा ने आरोपी छात्र के खिलाफ 25 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वर्जन
प्रवेश परीक्षा और कक्षा में पढ़ाई के दौरान हुई फोटोग्राफी से आरोपी छात्र की जालसाजी उजागर हुई है। विश्वविद्यालय की ओर से छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। छात्र को निष्कासित भी किया जा चुका है। वर्तमान में छात्र कैंपस में नहीं है। वह अपने गृह जनपद जा चुका है। -डॉ. अरविंद शर्मा, प्राचार्य, बीएससी नर्सिंग कॉलेज, बांदा।