सरकारी राशन न मिलने पर रोटी का जुगाड़ी करतीं बाढ़ी पीड़ित महिलाएं।
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बांदा। बाढ़ राहत कार्यों में प्रशासन की गंभीर लापरवाही और खामियां भी उजागर हो रही हैं। एक तरफ जहां हजारों बाढ़ पीड़ितों को एक-एक रोटी के लाले हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी पैसे से बन रहे लंच पैकेट सड़ रहे हैं। सैकड़ों सड़े लंच पैकेट प्रशासन ने ही फेंकवा दिए। तमाम सड़े पैकेट बाढ़ पीड़ितों ने खुद फेंक दिए।
सदर तहसील कार्यालय में बाढ़ पीड़ितों के लिए दो दिनों से भोजन बन रहा हे। शनिवार को लगभग चार सैकड़ा लंच पैकेट बाढ़ पीड़ितों तक नहीं पहुंचाए गए। शाम को इनमें सड़ांध आने लगी। लंच बनवा रहे कर्मचारियों ने आनन-फानन इन पैकेटों को रात के अंधेरे में कहीं फेंक दिया। बाद में ताजी पूड़ी और अचार रखकर आधी रात को बाढ़ पीड़ितों को बंटवाया गया। लंच पैकेट खराब होने की बात तहसीलदार ने स्वयं स्वीकारी। उन्होंने कहा कि पूड़ी के साथ रखी सब्जी खराब हो गई थी। उसे नहीं बांटा गया। उधर, एसडीएम प्रहलाद सिंह का कहना था कि दोपहर को लंच पैकेट बंटवाए गए। तब कोई दिक्कत नहीं थी। उधर, भाजपा नेता बलराम सिंह कछवाह ने बताया कि खप्टिहा क्षेत्र में लगभग एक हजार बाढ़ पीड़ित हैं। शनिवार को शाम मात्र 100 पैकेट वहां भेजे गए। इनमें भी पैकेटों की सब्जी सड़ गई थी।