फोटो-29- बांदा के पास बहती केन नदी का दृश्य। संवाद
= नेपाल हादसे के बाद जलस्तर पर पैनी निगाह रखने के निर्देश, केन नदी का जलस्तर स्थिर
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में पिछले दो दिन से हो रही भारी बरसात से प्रशासन चौकन्ना हो गया। नेपाल में अचानक पानी आने से हुई त्रासदी के बाद से प्रशासन ने सभी टीमों को सक्रिय कर दिया है और नदी व बांध के जलस्तर पर पल-पल नजर रखने के निर्देश दिए हैं। बांधों से पानी छोड़ने पर नदियों के जलस्तर पर होने वाले प्रभाव का भी आंकलन किया जा रहा है। यमुना का जलस्तर एक मीटर बढ़ गया है जबकि केन का स्थिर है।
बांदा में बृहस्पतिवार की दोपहर बारह बजे तक केन नदी का जलस्तर 97.40 मीटर दर्ज किया गया है। पिछले कुछ दिनों से केन नदी के जलस्तर में उतार व चढ़ाव हो रहा है और वह 97 मीटर के आसपास स्थिर है। केन नदी का चेतावनी बिंदु 103 मीटर और खतरे का निशान 104 मीटर पर है। जबकि यमुना का जलस्तर 91 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले यमुना का जलस्तर 90 मीटर के करीब था। इस तरह से एक मीटर जलस्तर बढ़ गया है। यमुना का चेतावनी बिंदु 99 मीटर और खतरे का निशान 100 मीटर पर है।
पिछले दो दिन से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भारी बरसात हुई है। ऐसे में पहाड़ों से पानी नदियों के रास्ते बांधों तक पहुंच रहा है। इससे कभी भी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। बुधवार को नेपाल में हुई जल त्रासदी के बाद प्रशासन और भी चौकन्ना हो गया है। राजस्व टीमों को जलस्तर पर गंभीरता के साथ रिपोर्ट लेते रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे किसी तरह का खतरा होने पर ठोस कदम उठाए जा सकें। फिलहाल दो दिन से हो रही बरसात के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।