बांदा। सोमवार को कलेक्ट्रेट धरना प्रदर्शन करने पहुंचे शिक्षकों को रोक दिया गया। उनसे कलेक्ट्रेट के बाहर आंदोलन करने को कहा गया। इससे शिक्षकों में रोष पनप गया। शिक्षक अशोक लाट तिराहे पर पहुंचे और उन्होंने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन के लिए कलेक्ट्रेट में ना मंजूरी की जानकारी पहले देते तो जनपद भर से आ रहे शिक्षकों को परेशानी नहीं होती।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विधेयक 2023 को वापस लेने और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम 1982 व संगत नियमावलियों के अस्तित्व को यथावत रखने को लेकर सोमवार को प्रदेश व्यापी धरना दिवस निर्धारित था। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के जिलामंत्री मोहम्मद बाकर ने बताया कि जिला अधिकारी कार्यालय पर 25 अगस्त को पत्र के माध्यम से सूचना प्रेषित की गई थी। धरना प्रदर्शन की पूर्व में जानकारी देने की वजह से ही सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर पर काफी संख्या में शिक्षक पहुंच गए। लेकिन धरना देने से पहले ही एडीएम ने प्रदर्शन करने से मना कर दिया। उन्होंने ज्ञापन लिया और कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करने को कहा। संगठन के प्रांतीय मंत्री केदार वर्मा एवं संगठन के पदाधिकारी से कहा कि यह स्थान पर धरना नहीं होगा। जिला अध्यक्ष डॉ. जानकी शरण शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों के इस धरना प्रदर्शन की तिथि पूर्व से ही निर्धारित थी, ऐसे में यदि उसकी स्वीकृति नहीं दे रहे थे तो इसकी सूचना उन्हें देनी चाहिए थी। शिक्षकों को काफी असुविधा हुई है। अशोक लाट तिराहे पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।