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Banda News: डीजल अनियमितता में प्रभारी एआरएम समेत पांच पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Sat, 25 Jul 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। रोडवेज डिपो में डीजल अनियमितता के मामले में प्रभारी एआरएम समेत पांच पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। इसमें दो स्टेशन प्रभारी, लेखाकार और जूनियर फोरमैन भी शामिल हैं। प्राथमिक जांच में पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए आरएम राम लवट ने शासन को पत्र भेजा है। पूर्व में तीन कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा चुका है।
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डिपो के डीजल विभाग में कार्यरत लिपिक अनिल शुक्ला व सुधीर सिंह के अलावा वरिष्ठ लिपिक अनिल साहू को आरएम के आदेश पर निलंबित किया जा चुका है। उन पर आरोप है कि उन्होंने डीजल संबंधी अभिलेखों को अपडेट नहीं किया। यह मामला तब खुला जब अनिल साहू ने आरएम को 14 हजार लीटर डीजल के घपले की जानकारी दी। आरएम ने प्रभारी एआरएम देशराज से जांच कराई तो पता चला कि डीजल का घपला नहीं किया गया बल्कि अभिलेखों में गड़बड़ी गई है।

ऐसे में साफ हो गया कि अभिलेखों का नियमित पर्यवेक्षण नहीं किया गया। इसकी जिम्मेदार लेखाकार, स्टेशन प्रभारी और एआरएम की है। इसके बाद आरएम ने प्रभारी एआरएम देशराज, स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान, आरके वर्मा, लेखाकार वीके गुप्ता और जूनियर फोरमैन सरोज कुमार के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।
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अब शासन ही उनके विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई का निर्णय करेगा। फिलहाल इस मामले के सामने आने और कार्रवाई के बाद डिपो से लेकर बस स्टैंड तक कर्मचारियों में खलबली मची है। अब मामले की जांच एआरएम वित्त एसके गुप्ता कर रहे हैं।

कई बार हटाया गया, फिर से डीजल सेक्शन में ही तैनाती

सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ लिपिक अनिल साहू को पूर्व में कई बार डीजल सेक्शन से हटाया गया लेकिन बाद में हर बार वह लौटकर डीजल सेक्शन में ही पहुंच गए। आखिर ऐसा क्या था जो बार-बार उन्हें हटाने के बाद वहीं तैनात कर दिया गया। यह सवाल भी बड़ा है, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं।

यह है मामला

रोडवेज डिपो में बसों के लिए कानपुर से डीजल मंगाया जाता है। डिमांड के अनुसार कानपुर से आठ जुलाई 2026 को एक टैंकर 14 हजार लीटर डीजल लेकर पहुंचा था लेकिन तब डिपो के टैंक में टैंकर को खाली कराने की जगह ही नहीं थी। इसके चलते टैंकर खाली नहीं हो सका। कागजों में टैंकर को आठ जुलाई को ही खाली दिखाकर उसे वापस भेज दिया गया, जबकि हकीकत कुछ और थी। जिम्मेदारों का कहना है कि टैंकर नौ जुलाई को खाली हुआ, लेकिन यह सही है या गलत यह जांच के बाद ही पता चलेगा।

वर्जन

प्राथमिक जांच के आधार पर तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने वाले प्रभारी एआरएम, स्टेशन प्रभारियों और लेखाकारों के विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
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-रामलवट, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, चित्रकूटधाम मंडल
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