डीएम ने संभागीय परिवहन अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। अधिकारियों, कर्मचारियों के कार्यालय में न मिलने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
गुरुवार को डीएम सुरेश कुमार सुबह 10:14 बजे आरटीओ कार्यालय पहुंचे। आरटीओ एचएस सिंह, वरिष्ठ सहायक जगतपाल यादव, रामशरण, गरीबचंद्र तथा कनिष्ठ सहायक मोहम्मद असलम व कृष्णकांत कार्यालय से नदारद रहे।
डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने और आरटीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मंडलायुक्त को पत्र भेजा। सफाई व्यवस्था ठीक न होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। 10:40 बजे बीएसए ओपी त्रिपाठी के कार्यालय में न मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने बीएसए के आवश्यक कार्य से लखनऊ में होने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने बिना सूचना के मुख्यालय से बाहर जाने एवं ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने पर बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा।
एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की। सर्व शिक्षा अभियान के डीसी अरविंद कुमार, कनिष्ठ लिपिक सुधीर कुमार व कंप्यूटर आपरेटर हिमांशु खरे के गायब मिलने पर इनका भी वेतन रोक दिया।
डीआईओएस हिफजुर्रहमान कार्यालय देर से पहुंचे। वित्त एवं लेखाधिकारी अशोक पांडेय का निरीक्षण के दौरान कमरा बंद मिला। कनिष्ठ लिपिक मोहम्मद हनीफ अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा के तहत कार्यरत तीन कर्मचारी निरीक्षण में अनुपस्थित मिले।
जिनका एक दिन का वेतन रोकने और डीआईओएस से देर से आने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान ओएसडी मुहीब अहमद भी साथ रहे।