बांदा। राहुल गांधी दलितों के घर खाने की शोहरत लेते रहे। वे यहां पहली बार किसी स्वतंत्रता सेनानी के घर दोपहर का भोजन करेंगे। इसे लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
इसके पूर्व आगमन पर राहुल गांधी ने नहरी गांव में भूख से मरे प्रजापति बिरादरी के गरीब के घर जाकर सांत्वना दी थी और कुछ खाना खाया था।
अन्य जिलों में भी उन्होंने अक्सर दलितों के घर खाना खाकर सुर्खियां बटोरीं, लेकिन अबकी वे स्वतंत्रता सेनानी के घर लंच करेंगे। चित्रकूट से बांदा जिले की सीमा में दाखिल होते ही शुक्रवार को बदौसा कस्बे में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. विश्वेश्वर नाथ वाजपेई के घर जाकर परिजनों के साथ लंच करेंगे। एसपीजी ने स्वतंत्रता सेनानी का घर खंगाल कर सुरक्षा के इंतजाम कर दिए हैं।
किसी भी दलित या गरीब के घर के बजाय अबकी स्वतंत्रता सेनानी के यहां खाने को लेकर कांग्रेस नेताओं की दलील है कि राहुल जी जिस समय बदौसा पहुंचेंगे लंच का समय होगा। साथ ही स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों से मिलना भी हो जाएगा। स्व. वाजपेई का मकान नेशनल हाईवे के नजदीक है, जहां से राहुल गांधी को गुजरना है।