बांदा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जिला इकाई ने लेखपालों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एडीएम वित्त राजेश कुमार को ज्ञापन दिया। लेखपालों ने कहा कि अभी ई-खसरा पड़ताल से पूरी तरह फुर्सत भी नहीं हुए कि उनकी ड्यूटी क्रय केंद्रों में किसानों के गेहूं सत्यापन में लगा दी गई है। लेखपालों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावलियां जिला व तहसील स्तर पर लंबित पड़ी है। वार्षिक प्रविष्टियां व जीपीएफ लेजर की पर्चिया उपलब्ध नहीं कराई गई। लेखपाल संतोष त्रिपाठी, प्रियांजलि वर्मा की विभागीय कार्यवाही की पत्रावलिया लंबित है। जिनका निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
राजस्व निरीक्षक के पदों के चयन एवं प्रोन्नति के संबंध में राजस्व परिषद ने सूची मांगी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 31 मार्च को लेखपालों के लैपटाप चार्जेज की अवशेष धनराशि के बिल बनाकर तहसीलों से जनपद के भूलेख कार्यालय को उपलब्ध कराए गए। लेकिन यह कहकर बिलों को वापस कर दिया गया कि अब टोकन निकालने के लिए समय नहीं है। जब कि अन्य विभागों के बिल कोषागार में शात चार बजे तक लिए गए। दोषी कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। जिलाध्यक्ष प्रिंस शुक्ला, महासचिव राकेश कुमार बुंदेला सहित तमाम लेखपाल मौजूद रहे।