बांदा। लेखपालों ने कृषि विभाग के एग्रो स्टेट सर्वे कार्य करने से इन्कार कर दिया है। कहा कि उनके पास पहले से ही राजस्व सहित अन्य कई विभागों के बहुत काम है। एक-एक लेखपाल के पास दो से तीन गांवों का अतिरिक्त प्रभार है।
डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि जिले में 40 फीसदी लेखपालों के पद रिक्त हैं। वर्तमान समय में खतौनी निर्माण अंश निर्धारण, ऑनलाइन खसरा फीडिंग, संशोधन, क्राप कटिंग, वरासत, जनसुनवाई संदर्भ, संपूर्ण समाधान दिवस सहित सरकार द्वारा चलाई जा रही किसान सम्मान योजना, स्वामित्व योजना,राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टलों के प्रमाणपत्र आदि कार्य लेखपाल कर रहे है। इन कार्यों की नियमित समीक्षा भी हो रही है। संतोषजनक स्थिति न होने पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाई की जाती है।
भारत सरकार के एग्री स्टेट जीआईएस रियल क्राप सर्वे योजना के तहत प्रथम चरण में जनपद के प्रत्येक तहसील के दो-दो ग्राम चयनित किए गए हैं। मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे किया जाना है। इसमें कृषि उत्पादों के विपणन, कृषि ऋण आदि योजनाएं शामिल हैं, जिसे कृषि विभाग को करना चाहिए, लेकिन यह काम लेखपालों से कराया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग के कार्यों से मुक्त रखने की मांग की है। जिलाध्यक्ष प्रिंस शुक्ला, महासचिव राकेश कुमार बुंदेला सहित तमाम लेखपाल शामिल रहे।