नरैनी/करतल। कर्ज का बोझ और लगातार बारिश से खरीफ की बुवाई न होने के सदमे में पड़े दिल के दौरे से किसान की मौत हो गई। नायब तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को सरकारी मदद का भरोसा दिलाया। करतल निवासी बसंता (60) पुत्र भूरा मंगलवार को दोपहर खेत गया था। खेत में पानी भरा देख उसकी जुताई-बुवाई की उम्मीद टूट गई। उसे गहरा सदमा लगा और हार्ट अटैक से वहीं मौत हो गई। आसपास मौजूद चरवाहों ने उसके घर में सूचना दी। मृतक के पुत्र महेश ने बताया कि पांच बीघा जमीन है। सिंचाई साधन न होने से रबी में कुछ नहीं होता। एक माह से लगातार बारिश से जुताई-बुवाई नहीं हो पाई। मृतक के नाम इलाहाबाद बैंक, करतल शाखा से एक लाख रुपये किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज था। साहूकारों से भी 50 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। पुत्री सीता की शादी के लिए भी परेशान था। उधर, एसडीएम सीएल सोनकर ने बताया कि नायब तहसीलदार को मृतक के घर जांच के लिए भेजा गया है। जो भी संभव होगी वो सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।