बांदा। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बने भवन में संचालित रहे राजकीय इंटर कालेज (जीआईसी) के डेढ़ सौ साल बाद दिन बहुरने की नौबत अब आ सकी है। जल्द ही नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यहां पढ़ने वाले तकरीबन ढाई हजार छात्रों को नए कक्षों और लैब में प्रयोग करने को मिलेगा।
शासन के आदेश पर निर्माण संस्था ने जर्जर भवन का सर्वे पूरा कर लिया है। कार्यदायी संस्था द्वारा एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। बजट मिलने पर कार्य शुरू हो जाएगा। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व (ब्रिटिश शासनकाल) में निर्मित जीआईसी भवन जर्जर हो चुका है। कक्षों के गिरने और दीवारें इत्यादि के जर्जर होने से इसे पूर्व में निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। कक्षा छह से 12 तक संचालित इस विद्यालय में तकरीबन 2500 छात्र पंजीकृत हैं।
बेहतर शिक्षा और अनुशासन देने के लिए मशहूर इस कॉलेज में अब खुले मैदान में कक्षाएं संचालित की जाती हैं। भवन के निष्प्रयोज्य घोषित किए जाने से जिला प्रशासन और जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से शासन को पत्राचार किया गया। शासन ने संज्ञान में लेते हुए नए सिरे से विद्यालय के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी का गठन कर दिया है। राजकीय निर्माण निगम ने भवन का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट प्रेषित की है। अब इसके आगणन की तैयारी की जा रही है।
---
नए भवन में ये होंगी सुविधाएं---
राजकीय इंटर कॉलेज के नए भवन में तकरीबन 20 से 30 कक्ष, आधुनिक लैब, मुख्य द्वार, कंप्यूटर कक्ष, खेल मैदान, पेयजल और शौचालय व्यवस्था, प्रधानाचार्य कक्ष, कक्षाध्यापक कक्ष, इंडोर गेम्स कक्ष, प्रार्थना सभा मैदान आदि शामिल होंगी।
-
जिला प्रशासन के प्रयास से शासन की ओर से जीआईसी भवन निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी नामित कर दी गई है। एजेंसी ने सर्वे कर अपनी रिपोर्ट प्रेषित की है। आगणन तैयार किया जा रहा है। आगणन रिपोर्ट मिलते ही शासन को प्रेषित की जाएगी। निर्माण प्रक्रिया तेजी से गतिमान है।
- विनोद सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, बांदा