फोटो- 05 नगरीय पीएचसी छाबीतालाब में मरीज को देखते डॉ. नीरज गौतम। संवाद
बांदा। सर्दी का असर मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में भी देखने को मिला। रविवार को यहां नाममात्र के मरीज आए। आरोग्य मेले में ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन आदि की जांच की गईं। इसके अलावा हेपेटाइटिस बी, एचआईवी, डेंगू टेस्ट की सुविधा होने के बावजूद एक भी मरीज इन बीमारियों से संबंधित नहीं पहुंचे।
रविवार को नगरीय पीएचसी में दोपहर तक महज 24 मरीज आए थे। सभी सर्दी, जुकाम और बुखार से ग्रसित थे। पिछले मेलों के आंकड़ों में ज्यादातर ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन आदि की जांच की गई। हृदय रोगियों की दवा उपलब्धता का दावा मेले में किया गया, लेकिन यहां एक भी हृदय रोगी अब तक दिखाने नहीं पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि यदा कदा ही हृदय रोगी उनके मेले में आते हैं।
आरोग्य मेले में एक भी नहीं पहुंचे हृदय रोगी
बांदा। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छाबी तालाब में डॉ. नीरज गौतम व आयुष डॉक्टर रामप्रसाद त्यागी ने मरीजों को देखा। दोपहर तक यहां महज 24 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया। इन मरीजों में ज्यादातर सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज आए थे। जबकि आयुष डॉक्टर की ओपीडी में 17 मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। सर्दी की वजह से नाममात्र के मरीज ही आरोग्य मेले में पहुंचे। डॉ. नीरज गौतम ने बताया कि वह सभी 30 उम्र पूरी कर चुके मरीजों का ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराते हैं। बताया कि उनके यहां हृदय रोगियों से संबंधित दवा की उपलब्धता है, लेकिन अब तक एक भी हृदयरोगी नहीं आया है।
सर्दी जुकाम और बुखार के 20 मरीज पहुंचे
मटौंध। कस्बे के नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. अनुपम गुप्ता और फार्मासिस्ट संजीत सचान ने मरीजों को देख और दवा का वितरण किया। ब्लड प्रेशर जांच कर रहे डॉ. अनुपम गुप्ता ने बताया कि इस मौसम में अधिकतर मरीज बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम के आ रहे हैं। सर्दी के मौसम महज 20 मरीज आए। आम दिनों में मरीजों का आंकड़ा 60 से 70 तक पहुंचता है। आरोग्य मेले में ज्यादातर समय डॉक्टर खाली बैठे रहे। डॉ. अनुपम गुप्ता ने बताया कि इस मौसम में सर्दी से बचने के लिए ऊनी कपड़े पहने। ठंडी चीजे न खाएं। गुनगुने पानी का सेवन करें। सर्दी लगने पर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।