बांदा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में उम्मीद से कम नंबर आने से परेशान छात्रा ने शनिवार की शाम बाथरूम में लगे हैंगर में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि उसके 75 फीसदी अंक थे। इससे वह संतुष्ट नहीं थी। इसी कारण आत्मघाती कदम उठाया है।
मूलरूप से कोतवाली देहात क्षेत्र के बिलबई गांव के संतोष कुमार पत्नी पत्नी रत्ना और पांच बेटियों के साथ शहर के गायत्री नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। बेटी स्नेहा (15) राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की छात्रा थी। शुक्रवार को घोषित परीक्षा परिणाम में 75 प्रतिशत अंक मिले थे। इससे वह गुमसुम हो गई।
शनिवार की शाम घर पर सिर्फ दो छोटी बहनें थीं। मां घर में नहीं थी। पिता गांव में ही थे। दोनों बहनें घर से निकलकर दुकान गईं, इसी दौरान स्नेहा ने खुदकुशी कर ली। काफी देर के बाद घर लौटी मां रत्ना ने देखा तो स्नेहा नजर नहीं आई। आवाज लगाते हुए जब वह बाथरूम में पहुंची तो वहां पर बेटी का शव हैंगर के सहारे फंदे पर लटका था। यह देखकर शोर मचाया। जिला अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्वराज कालोनी मोहल्ला निवासी ममेरे भाई दयाशंकर यादव ने बताया कि परीक्षा में कम नंबर आने पर स्नेहा परेशान थी। इसी के चलते उसने खुदकुशी कर ली।
गांव में ट्रेडर्स की दुकान करते हैं किसान पिता
मृतका स्नेहा के पिता अक्सर गांव में ही रहते हैं। उनकी गांव में ही ट्रेडर्स की दुकान है। इसके साथ ही वह किसानी भी करते हैं। छात्रा के ममेरे भाई ने दयाशंकर यादव ने बताया कि बेटियों को पढ़ाने के लिए शहर के गायत्री नगर मोहल्ले में कई वर्ष से किराए का मकान लेकर रहते हैं। घटना के समय भी पिता गांव में ही थे। वह पांच बहनों में तीसरे नंबर की थी।