बांदा/बबेरू। बेटी की शादी में आड़े आ रही आर्थिक तंगी से परेशान होकर वृद्ध ने फंदा लगाकर जान दे दी। बेटी की नौ जुलाई को खप्टिहा कलां से बरात आनी थी।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के अछाह गांव निवासी विशोसर कोरी (62) ने शनिवार को सुबह अपने घर के दरवाजे पर लगे बबूल के पेड़ से अपनी लुंगी से फंदा लगा लिया। शादी के घर में मातम पसर गया। छोटे भाई रामबाबू ने बताया कि विशोसर के चार बेटियां व दो बेटे हैं। बड़ी बेटी दुलरिया, लक्ष्मनिया, रमकलिया व एक पुत्र रामचंद्र की शादी हो चुकी है। चौथे नंबर की पुत्री गोमती की शादी नौ जुलाई को है।
बरात खप्टिहा कलां गांव से आनी है। सात जुलाई से घर में कार्यक्रम शुरू होने थे। इस बीच दो दिन पहले विशोसर ने अपने छोटे भाई से बरातियों के स्वागत सत्कार कैसे करूंगा की वेदना व्यक्त की थी। भाई ने बताया कि इसी को लेकर वह परेशान था। इसी परेशानी में उसने अपनी जान दी है। विशोसर के पास डेढ़ बीघा जमीन है। वह खेती-किसानी के साथ मजदूरी भी करता था। उसके दोनों पुत्र भी मजदूरी करते हैं। बबेरू कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि परिजन पुत्री की शादी में आर्थिक तंगी की वजह बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
तय तारीख में ही होगी शादी, कोई मांग नहीं की गई
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद विशोसर के समधी खप्टिहा कलां गांव के राजू ने बताया कि छह माह पहले उन्होंने अपने पुत्र रामलखन की शादी विशोसर की पुत्री गोमती के साथ तय की थी। शादी में लेन-देन या दहेज की कोई बात नहीं हुई थी। साधारण तरीके से शादी होने की बात कही गई थी। उसके सबसे बड़े पुत्र की शादी है। लड़की पक्ष नौ जुलाई को ही शादी करने की बात कह रहे हैं। इसलिए वह अब पांच आदमी जाकर लड़की को विदा कराकर घर ले आएंगे।