बांदा। परिवहन निगम यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने का दावा करता है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। रोडवेज की कई बसों में शीशे नहीं है, जिन बसों में शीशे हैं, वह जाम हैं। शनिवार को हुई बारिश के दौरान एक यात्री को बौछार से बचने के छाता तानना पड़ा।
परिवहन निगम के चित्रकूटधाम मंडल रीजन में बांदा, हमीरपुर, महोबा और राठ डिपो आते हैं। चारों डिपो की बसें पूरे रीजन में रूट पर फर्राटा भरती हैं। महोबा डिपो की एक बस शनिवार को बांदा से महोबा की ओर जा रही थी।
बस में सफर के दौरान बारिश होने लगी। इस पर यात्रियों ने शीशे बंद करने का प्रयास किया, लेकिन ज्यादातर खिड़कियों में शीशे नहीं थे। जिन खिड़कियों में शीशे थे, वह भी जाम थे। खिड़की की तरफ बैठे यात्री उठकर किनारे हो गए। बारिश से बचने के लिए एक यात्री ने छाता खोल लिया। बांदा से महोबा तक का सफर करने में यात्रियों को बारिश के पानी से परेशान होना पड़ा।
वर्जन...
रीजन की सभी बसों में बारिश के पूर्व ही शीशे लगवाए गए हैं, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। हो सकता है किसी बस में शीशे कम लगे हों या फिर जाम हों, जल्द ही उनकी मरम्मत कराई जाएगी। वह एआरएम महोबा को निर्देशित करेंगे। -संदीप अग्रवाल, आरएम, चित्रकूटधाम मंडल रीजन