फसल के सदमे में युवा किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि दूसरे युवा किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। सुसाइड करने वाले शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। एसडीएम ने मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना से मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
सदर तहसील के कुलकुम्हारी गांव में किसान कामता राजपूत (28) पुत्र परमात्मादीन ने सोमवार को सुबह घर की अटारी में रस्सी का फंदा लगाकर फांसी लगा ली। घटना के समय पत्नी पास के डेरा में गई थी। वापस घर आई तो शव झुूलता पाया।
मृतक का पिता परमात्मादीन 14 साल से लापता है। बाबा चंद्रपाल ने बताया कि मृतक अपने पिता की नौ बीघा तथा अपनी 3 बीघा मिलाकर कुल 12 बीघा का काश्तकार था। इसमें इस वर्ष गेहूं बोया था। शनिवार को थ्रेसिंग कराई तो सिर्फ 4 कुंतल गेहूं निकला। इस पर वह तनाव में आ गया और फांसी लगाकर जान दे दी।
उधर, एसडीएम प्रहलाद सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ मृतक के घर पहुंचे और पत्नी को विधवा पेंशन व पारिवारिक लाभ योजना से मदद दिलाने का भरोसा दिया। 14 साल से पिता के लापता होने के बावजूद लेखपाल द्वारा जमीन पर मृतक का नाम दर्ज न किए जाने पर एसडीएम का कहना है कि सिविल कोर्ट से लापता अथवा मृत घोषित होने के बाद ही नाम दर्ज होता है।
उधर, सदर तहसील के कल्याणपुर (जसईपुर) गांव में अनुसूचित जाति के पीतांबर कोरी (36) पुत्र चुन्नू की हार्ट अटैक से मौत हो गई। भतीजे कामता के मुताबिक पट्टे की ढाई बीघा जमीन थी। उसी पर खेती करके पीतांबर परिवार पाल रहा था।
उसके तीन नाबालिग बच्चे हैं। इस वर्ष उसने गेहूं बोया था। रविवार को फसल की मड़ाई के बाद खलिहान में ही उसकी हालत बिगड़ गई। घर के लोग रात में ही फतेहपुर ले गए, लेकिन इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई। सोमवार को एडीएम डीएस पांडेय ने मृतक के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और यथा संभव मदद का आश्वासन दिया।