बांदा। दिमागी संतुलन ठीक न होने के चलते दिव्यांग युवक ने छत के छज्जे से फंदा लगाकर जान दे दी। बेटी ने देखा तो परिजनों को जानकारी हो सकी।
गिरवां थाना क्षेत्र के बिगहना गांव निवासी प्रहलाद ने बताया कि उसके चचेरे भाई राजकिशोर (45) ने बुधवार को सुबह अपने घर में छत के छज्जे में लगे छल्ले से गमछे से फंदा लगा लिया। इस बीच उसकी बेटी शिल्पा ने देखा तो परिजनों को जानकारी दी। चचेरे भाई के मुताबिक, राजकिशोर एक पैर से दिव्यांग था। उसका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं रहता था। इसी चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। पिता रामसेवक के 10 बीघा जमीन है। वह खेती किसानी करता था। उसके दो बेटी एक बेटा है। बेटा सूरत में रहकर कमाता है। घर में पत्नी फूला हैं। गिरवां थाना इंस्पेक्टर सुरेश सैनी ने बताया कि परिजन दिमागी संतुलन ठीक न होने की बात कह रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।