बांदा। डिलीवरी का मैसेज आ गया, लेकिन गैस नहीं मिली। माथे का पसीना पोंछते हुए लाइन में लगी गृहिणी ने कुछ इस तरह बताया तो सिलिंडर न मिलने का दर्द छलक पड़ा। मंगलवार को एजेंसी को 700 सिलिंडर की खेप मिली। सुबह से ही लंबी-लंबी लाइन में लगे तकरीबन एक हजार उपभोक्ता अपनी बेबसी का बयान करते दिखाई पड़े। इनमें से 300 को सिलिंडर नहीं मिला।
स्वराज कॉलोनी निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन उनका नंबर दोपहर हो जाने के बाद भी नहीं आ पाया। जवाहर नगर की मंजली गुप्ता ने बताया कि सुबह आठ बजे आ गए थे। उनका सिलिंडर बुक हो गया था। डिलीवरी का मैसेज भी आ गया लेकिन सिलिंडर नहीं मिला।
पुराने आरटीओ कार्यालय के पास स्थित एजेंसी सेंटर में मंगलवार को 700 सिलिंडरों की खेप आई। पहले से लाइन में लगे उपभोक्ताओं को बारी-बारी से सिलिंडर दिया गया। उपभोक्ताओं की संख्या तकरीबन एक हजार के ऊपर थी। एजेंसी की ओर से पहले उनको सिलिंडर दिया गया जिनकी 17 मार्च से पहले तक की बुकिंग थी।
700 सिलिंडर की खेप मिली थी। 17 मार्च से पहले तक की बुकिंग वालों को प्राथमिकता में सिलिंडर दिए गए। शेष को अगली तिथि में आने के लिए कहा गया है।
रामेंद्र शर्मा
आराधना गैस एजेंसी संचालक, बांदा।