बांदा। सूखे की मार से त्रस्त बुंदेलखंड के गरीबों का
चूल्हा न बुझे इसके लिए एक अनूठा अभियान शुरू किया गया है। इस नेक काम में
जुटी संस्था ने अभियान को नाम दिया गया है ‘एक कटोरा अनाज’।
अभियान
से जुड़े लोग संपन्न परिवारों के घर जाकर प्रतिदिन एक कटोरा अनाज देने की
अपील करेंगे। इस अभियान की शुरुआत बुधवार को नरैनी के सबदा पुरवा गांव से
हुई। लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता रैली भी निकाली गई। अनाज
इकट्ठा करने के लिए 30 गांवों में अनाज बैंक की भी स्थापना की गई है।
बुंदेलखंड
के लोग कई साल से दैवी आपदा की मार झेल रहे हैं। खेतीबाड़ी नष्ट होने से
गांवों के हालात बद से बदतर हो गए हैं। इन्हीं हालात के चलते गांवों में
तमाम मजदूरों और किसानों ने आत्महत्याएं कर लीं।
इस बार रबी और
खरीफ की फसल बर्बाद होने कई गांवों के गरीब किसान भुखमरी की कगार पर हैं।
इन गरीब परिवारों के चूल्हे न बुझे, इसके लिए स्वयंसेवी संगठन विद्याधाम
समिति ने नरैनी क्षेत्र के गांवों में ‘एक कटोरा अनाज’ अभियान शुरू किया
है।
समिति के मंत्री राजा भइया का कहना है कि गांवों में अकाल के
हालात हैं। अफसर पंचायत चुनाव में व्यस्त और मस्त हैं। मनरेगा के काम ठप
पड़े हैं। खरीफ की फसलें सूख गईं। रबी की बुआई नहीं हो पा रही।
तमाम
किसानों के घरों में दाना नहीं है। पलायन और आत्महत्या के आसार बढ़ गए
हैं। ऐसे में यह अभियान चलाकर गांव-गांव में यह संदेश दिया जा रहा है कि
प्रत्येक संपन्न परिवार प्रतिदिन एक कटोरा अनाज की बचत करें।
यह
अनाज उन जरूरतमंदों को दें, जिनके यहां चूल्हे नहीं जल पा रहे। उन्होंने
बताया कि अब तक नरैनी क्षेत्र के 30 गांवों मेें अनाज बैंक स्थापित किए गए
हैं।
कार्यकर्ता सुरेश कुमार ने बताया कि नीबी, नौगवां, गुढ़ा,
परसहर, चंद्रपुरा, बाबूपुर, सुलखान का पुरवा, पंचमपुर, कनाय, बिल्हरका आदि
गांवों में हालात काफी गंभीर हैं। बड़ी संख्या मेें लोग पलायन कर गए हैं।
हैंडपंप
और कुएं जवाब दे गए हैं। अनाज जुटाओ अभियान से ऐसे लोगों की मदद की जाएगी।
गांव-गांव में इसकी प्रेरण के नारे लगाते हुए समिति कार्यकर्ता रैलियां
निकाल रहे हैं।
इसमें वर्षा गुप्ता, माया सोनी, अमित तिवारी, शिव
कुमार गर्ग, रामसजीवन, विमला, सीमा, संगीता, सुरभि मलिक, छेदीलाल,
जागेश्वर, पुष्पलता आदि शामिल हैं।