बांदा। नवरात्र में देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में आस्था, भक्ति के साथ उमंग का उल्लास नजर आ रहा है।
यहां दर्शन और मां के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर सहित अन्य देवी स्थलों पर सुबह से दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू होकर देर रात तक जारी रहा। भक्तों ने माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर कन्या भोज और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
बेंदा घाट पर स्थित प्राचीन आदि शक्ति मां काली मंदिर की सुबह-शाम आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं। यहां कई जिलों से लोग दर्शन के लिए आते हैं। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लाइन लग रही है। परिसर में कई दुकानें लगी हैं।
बबेरू कस्बे में मां मढ़ी दाई मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बांदा, कमासिन, औगासी, अतर्रा और तिंदवारी मार्गों सहित पुरानी तहसील क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक पंडाल सजे हैं। यहां काफी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। औगासी के पास यमुना तट स्थित बाकल की जोगिनी माता के दर्शन को दूसरे जिलों से भक्त आ रहे हैं।
श्री सिद्धिदात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर में नवरात्र के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। पार्किंग के पास सड़क के दोनों ओर बेतरतीब वाहन खड़े होने से जाम लग गया।
पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने मशक्कत कर वाहनाें को पास कराया। मेले में झूले, खिलौने और अन्य दुकानों पर भी भीड़ है। रात्रिकालीन रामलीला में श्रीराम जन्म, मुनि आगमन और ताड़का वध का मंचन किया गया।
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रामपुर में भजन संध्या, संत सम्मेलन कल से
जसपुरा ब्लॉक के रामपुर स्थित रामजानकी मंदिर में नवरात्र के तीसरे दिन माता रानी की आरती और भजन संध्या हुई। मुख्य पंडित सत्यनारायण द्विवेदी और मुख्य पांडा पवन तिवारी ने विधि-विधान से आरती की। आयोजक पंडित पप्पू पांडे ने बताया कि 15 और 16 अक्टूबर को गहुलिया तालाब के पास खलिहान में विशाल संत सम्मेलन और 17 अक्टूबर को भंडारा होगा।
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कहमानी माता मंदिर में सुरक्षा की मांग
बागेन नदी के तट पर स्थित प्राचीन कहमानी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। परिसर में धार्मिक आयोजन हुए। सेवादार विनोद गुप्ता ने पौधरोपण कराया। लोगों ने परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
फोटो 18- बेंदाघाट में विराजमान मां काली देवी प्रतिमा। संवाद- फोटो : 1
फोटो 18- बेंदाघाट में विराजमान मां काली देवी प्रतिमा। संवाद- फोटो : 1