बांदा। निकाय चुनाव में टिकट को लेकर कांग्रेस में बगावत के हालात हैं। पार्टी नेताओं के बीच पालाबंदी हो गई है। सबसे ज्यादा खींचतान बांदा नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रत्याशी को लेकर है। युवा कांग्रेसियों ने घोषित प्रत्याशी के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन के साथ बगावत शुरू कर दी। उन्होंने प्रदर्शन कर धरना देकर अपना गुस्सा जताया।
गौरतलब है कि जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस निकाय चुनाव में पिछले बार कांग्रेस से प्रत्याशी थे। उन्हें नौ हजार से अधिक वोट मिले थे। इस बार भी वह अपनी पत्नी को चुनाव लड़ा रहे हैं। कांग्रेस का जिला संगठन उनके पक्ष में था लेकिन विधायक विवेक कुमार सिंह ने पालिका अध्यक्ष रह चुके संजय गुप्त पर अपना हाथ रख दिया। नतीजे में संजय की पत्नी साधना जायसवाल को आनन-फानन कांग्रेस प्रत्याशी घोषित कर बृहस्पतिवार को नामांकन भी करा दिया गया।
साधना की प्रत्याशिता को लेकर कांग्रेस में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। शुरूआत युवा कांग्रेस ने की है। चूंकि बांदा नगर पालिका अध्यक्ष पद प्रत्याशी की घोषणा बांदा शहर कांग्रेस कमेटी को करनी थी इसलिए बगावत कर रहे युवा कांग्रेसियों ने शहर अध्यक्ष मोहम्मद उमर दुर्रानी को अपना निशाना बनाया। युवा कांग्रेस के बांदा विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष विनय सिंह शानू और महासचिव अलंकार तिवारी के नेतृत्व में युवा कांग्रेसियों ने शुक्रवार को जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और नारे लगाए। कांग्रेस कार्यालय में कुछ देर के लिए ताला भी जड़ दिया। शहर अध्यक्ष पर टिकट वितरण में धांधली के आरोप लगाए। कहा कि युवाओं को टिकट नहीं दिए गए। युवाओं का हक दबाया जा रहा है। जबकि राहुल गांधी युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। शहर के सभी 28 वार्डों में कहीं भी यूथ कांग्रेस को टिकट नहीं दिया गया। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी कि अधिकारों का हनन हुआ तो वह और तेज विरोध करेंगे और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे देेंगे।
उधर, इस बारे में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद उमर दुर्रानी ने कहा है कि प्रदर्शन करने वाले वार्ड 14 से संबंधित युवा कांग्रेसी हैं। इस वार्ड में रवींद्र प्रताप सिंह को प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर प्रत्याशी घोषित किया गया है। इनके अलावा चार वार्डाें (3, 4, 25, 26) में युवा कांग्रेसियों को टिकट दिया गया है। विरोध करने वाले गलतफहमी में हैं।