बांदा। गिरवां थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर गांव में विवाहिता युवती को भगा ले जाने के बाद हुए बवाल के मामले में सभी 10 आरोपी अदालत से बरी कर दिए गए। विधवा भगवतिया पत्नी रामनारायण पचौरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके परिवार का लड़का पड़ोस की एक विवाहित युवती को भगा ले गया था। इस पर 21 अक्तूबर 1998 की रात ग्राम प्रधान रामसिया सहित भूषण लोध, कितलू लोध, रज्जुल लोध, चूरामणि लोध सहित कई लोगों ने घर में धावा बोल दिया और तोड़फोड़ की। खाने-पीने की चीजें तहस-नहस कर दीं। पुलिस ने विवेचना में गंगाराम लोध, सौमित्र लोध, दादूराम लोध, हरीशंकर लोध, देशमित्र लोध व छोटा लोध के विरूद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। निचली अदालत ने इन सभी को जून 2011 को दो-दो वर्ष की कैद और अलग-अलग धाराओं में जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपियों ने इसके विरूद्ध जिला न्यायाधीश की अदालत में अपील दाखिल की। बृहस्पतिवार को इस चर्चित मामले का फैसला सुनाते हुए अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।