बांदा। बाल विकास परियोजना के तहत प्राथमिक स्कूलों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन होंगे। शासन ने 32 भवनों के लिए पहली किश्त में 83 लाख रुपये जारी किए हैं। निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को सौंपी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 80 आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इनमें सिर्फ आठ के लिए ही धनराशि जारी की गई थी। दो साल बाद 32 भवनों की मंजूरी के साथ धनराशि जारी कर दी गई। बड़ी ग्राम पंचायतों और उससे जुड़े मजरों के लिए भी भवन स्वीकृत किए गए हैं। कमासिन ब्लाक की बीरा और बबेरू ब्लाक की मरका ग्राम पंचायत व मजरों में सबसे अधिक चार-चार आंगनबाड़ी भवन बनाए जाएंगे। महुआ ब्लाक के जरर में दो, तिंदवारी ब्लाक के अमलीकौर में तीन, बिसंडा ब्लाक के रसूलपुर में एक, नांदनमऊ व अमलोहरा में तीन-तीन, नरैनी ब्लाक के भवानीपुर पाही (बहादुरपुर कालिंजर), गड्डिहा, भुसासी व साधौपुर में एक-एक, कमासिन ब्लाक के नरायनपुर में दो और बबेरू ब्लाक के टोला कलां में तीन भवन बनेंगे। बड़ोखर खुर्द ब्लाक के चटगन, गंछा, लड़ाका पुरवा और महुआ ब्लाक के महिपाल का पुरवा (नौहाई) में एक-एक आंगनबाड़ी भवन बनेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां ने बताया कि प्रत्येक भवन की लागत 5.67 लाख रुपये निर्धारित है। कार्यदाई संस्था को पहली किश्त में 50 फीसदी (83 लाख रुपये) अवमुक्त कर दिए गए हैं।