बांदा/अतर्रा। तहसील दिवसों में शिकायतों की भरमार रही। सबसे अधिक सदर तहसील में 355 फरियादियों ने शिकायतेें दर्ज कराईं। लापरवाही पर डीएम ने अतर्रा तहसील के दो लेखपालों का निलंबित करने का आदेश दिया। लोहिया गांव भवई का निरीक्षण कर अधिकारियों को काम में तेजी लाने को कहा।
सदर तहसील सभागार में एसडीएम अरुण कुमार तिवारी की अध्यक्षता में शिकायतों की सुनवाई हुई। 355 शिकायती पत्रों में सिर्फ 5 का निस्तारण हुआ। 350 शिकायती पत्र संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारित करने के लिए सौंप दिया। अतर्रा में जिला स्तरीय तहसील दिवस में जिलाधिकारी हरेंद्र वीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो लेखपालों को निलंबित कर दिया। महोतरा व दिखितवारा गांव में तैनात तहसील लेखपाल संघ अध्यक्ष पुरुषोत्तम शुक्ला को जमीन संबंधी शिकायत व तुर्रा गांव के लेखपाल भोला प्रसाद को किसान की ढाई साल पूर्व मौत के बाद वरासत दर्ज न करने पर यह कार्रवाई की गई। साथ ही बरछा डड़िया गांव के लेखपाल शिवचरण को अवैध कब्जा न हटवाने पर फटकार लगाते हुए सुधरने की चेतावनी दी। कानूनगो अवधेश मिश्रा के विरुद्ध शिकायत पर एडीएम को जांच कर आख्या देने को कहा। खम्हौरा जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक की जांच बीएसए को सौंपी। बाद में डीएम ने 54 किसानों को दुर्घटना खलिहान बीमा योजना के तहत 2 लाख 55 हजार के चेक बांटे। लोहिया गांव भवई का निरीक्षण कर विकास कार्यों का जायजा लिया।
नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक अपर जिलाधिकारी की मौजूदगी में 125 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। 9 शिकायतों का निस्तारण हुआ। अधिकांश शिकायतें पेयजल से संबंधित थी। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। एसडीएम सीबी सिंह, क्षेत्राधिकारी सरजीत सिंह, तहसीलदार आशुतोष सिंह समेत विभागीय कर्मचारी शामिल रहे।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम आरके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में 130 शिकायती पत्र पेश हुए। 6 शिकायतों का निस्तारण हुआ। एबीएसए राजीव प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार दिलीप कुमार, कोतवाली प्रभारी कमलेश यादव आदि मौजूद रहे।