बांदा। स्वैच्छिक संगठन ‘चिराग फाउंडेशन’ ने स्वावलंबी कामकाजी महिलाओं को सम्मानित किया। स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद दी। मेधावी छात्राओं को भी ईनाम से नवाजा गया।
संगठन संरक्षक डॉ.मोहम्मद रफीक ने कहा कि जिन मां-बेटियों की जिंदगी से घरों के चिराग रोशन होते हैं उनकी जिंदगी में अंधेरे पर समाज को चिंतन करना होगा। अकील अहमद ने महिलाओं के सर्वांगीण विकास की जरुरत बताई। अध्यक्ष डॉ.शबाना रफीक ने कहा कि दुनिया की आधी आबादी की हैसियत रखने वाली महिलाओं को एकजुट होकर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना चाहिए। प्रबंधक डॉ.सबीहा रहमानी ने कहा कि महिलाओं को बैसाखी नहीं सम्मान की जरुरत है।
समारोह में संघर्षशील महिला अभिलाषा सोनी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटी पार्लर और नाज फात्मा को सिलाई केंद्र खोलने के लिए सामग्री व आर्थिक मदद दी गई। छात्रा सीता साहू को डा.शबाना रफीक की माता की स्मृति में ‘अजीज बानो स्मृति पदक’ दिया गया। वन देवी, साबरा खान, अख्तरी बेगम, बबली आदि महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। डा. मोनिका सक्सेना समेत राजकीय महिला महाविद्यालय की मेधावी छात्रा प्रतीक्षा वाजपेयी, चंचल गुप्ता, रिंकी सोनी, अभिलाषा, पूजा तिवारी को भी सम्मानित किया गया। तबस्सुुम फात्मा, बिलकीस, शाहिला बेगम, वसीम कुरैशी, डॉ.रंजना, डॉ.दिपाली गुप्ता, आमना जमां, उजमा जमां, जावेदा जमां, अंजुमआरा, शाहिदा रहमानी, सीमा जाफरी, विनोद ओमर मौजूद रहे।