बांदा। युग दृष्टि के नि:शुल्क नि:शक्त (विकलांग) शिविर में बड़ी संख्या में विकलांगों को विभिन्न उपकरण बांटे गए। विकलांगों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा गया कि अपने आप को कमजोर और लाचार नहीं समझें। समाज की मुख्य धारा में घुल-मिलकर रहे।
मंगलवार को जीआईसी ग्राउंड में आयोजित शिविर में 968 ट्राइसाइकिलें, 261 व्हील चेयर, 150 बोल्ड स्टिक, 150 ब्लइंड स्टिक, 355 चश्मे और 350 कान की मशीनें मुफ्त बांटी गई। शिविर का उद्घाटन मंडलायुक्त अशोक दीक्षित ने किया। उन्होंने कहा कि कोई भी विकलांग खुद-ब-खुद नि:शक्त नहीं होता। कुछ जन्मजात होते हैं तो कुछ हादसे का शिकार होकर लेकिन समाज की लापरवाही और जागरूकता की कमी से विकलांगता को दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा। उन्होंने विकलांगों से सरकारी योजनाओं का भरपूर फायदा उठाने को कहा। विकलांगों का मजाक उड़ाने वालों को अपनी सोच बदलने की नसीहत दी।
दीनदयाल शोध संस्थान (चित्रकूट) प्रधान सचिव भरत पाठक ने कहा कि युग दृष्टि का यह आयोजन सराहनीय है। शोध संस्थान हमेशा ऐसा प्रयास करने वालों का सहयोग करने की कोशिश करती है। पुनर्वास सलाहकार डा. वीके पांडेय ने विकलांगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। सजीवन ट्रस्ट, अहमदाबाद के सुकनराज हुंडिया ने कहा कि 99 फीसदी विकलांग अपने मस्तिष्क का प्रयोग कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। संयुक्त व्यापार मंडल महासचिव प्रदीप ने विकलांगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के राजेश गुप्ता और वरिष्ठ पत्रकार रामेश्वर गुप्त और व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मनोज जैन ने भी विकलांगों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम आयोजक युग दृष्टि संस्थापक राजेश शुक्ल ने सभी का आभार जताया। संचालन श्यामसुंदर द्विवेदी ने किया। भाजपा नेता जगराम सिंह सहित संतोष गुप्त, राम त्रिपाठी, ममता चौबे, प्रभा गुप्ता, सुमन तिवारी, दिलीप त्रिपाठी, प्रेमसागर दीक्षित, अक्षय, गिरीश चंद्र भी उपस्थित रहे।