प्रदीप द्विवेदी
बांदा। दीपावली को जगमग करने में पिछले कई सालों से दखलंदाजी कर रहे चाइनीज आइटमों को अबकी उत्तर प्रदेश में बने उपकरणों ने मात दे दी है। आगरा, फिरोजाबाद व मथुरा की बनी दियाली, रंग-बिरंगी एलईडी मोमबत्तियों की बाजार में धूम है। सजावट के शौकीन घरों को जगमगाने में हर साल करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं। कंपनियों ने इस वर्ष कम बिजली खपत वाली झालरें व उपकरण बाजार में उतारे हैं। इलेक्ट्रानिक गणेश व लक्ष्मी भी सस्ते रेंज में उपलब्ध हैं।
व्यवसायी आनंद सोनी ने बताया कि देसी की अपेक्षा खर्च भी कम आता है। उनके यहां एक से चार फीट तक लंबी एलईडी मोमबत्ती 30 रुपये से लेकर 150 रुपये तक में उपलब्ध हैं। यह अलग-अलग कलर की में जलेंगी। व्यवसायी नितिन कुमार ने बताया कि चाइनीज आइटम इस वर्ष कम हैं। आगरा की जेल राइस झालर 12 से 50 फीट तक 30 रुपये से 500 रुपये तक में उपलब्ध हैं।
उधर, फिरोजाबाद की कांच की आकर्षक रंग-बिरंगी मोमबत्तियां आकर्षण का केंद्र हैं। खुशबूदार मोमबत्तियां रोशनी के साथ खुशबू बिखेरेंगी। यह 4 रुपये से 100 रुपये के रेंज में हैं। चौक बाजार में व्यवसायी प्रदीप अग्रवाल बताते हैं कि इस वर्ष गणेश-लक्ष्मी की इलेक्ट्रानिक मूर्तियां सस्ते दामों में आई हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली पर्व पर इलेक्ट्रानिक झालरों, दियाली, डिजाइनर मोमबत्ती में जनपद में करीब पांच करोड़ का कारोबार हो जाता है। इस बार यह कारोबार और बढ़ सकता है।