बांदा। तीन दशक पूर्व बांदा से चोरी हुई बेहद दुर्लभ पत्थर की ‘वृषनना योगिनी’ मूर्ति दिन दिनों दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में आकर्षण का केंद्र बनीं हुई है। अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच के प्रतिनिधि मंडल ने संग्रहालय में मूर्ति का अवलोकन किया। संग्रहालय महानिदेशक ने वापसी को उल्लेखनीय बताया है। कहा है कि इसे वापस लाने के लिए भारत सरकार को चार साल मशक्कत करनी पड़ी। पिछले हफ्ते 21 सितंबर को मूर्ति के दिल्ली संग्रहालय में रखी होने की ‘अमर उजाला’ में छपी खबर के बाद अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच महासचिव नसीर अहमद सिद्दीकी के नेतृत्व में कुछ लोगों ने राष्ट्रीय संग्रहालय जाकर इस मूर्ति को देखा। श्री सिद्दीकी ने बताया संग्रहालय महानिदेशक वी वेणु ने इस मूर्ति की भारत वापसी को उल्लेखनीय बताया है। उन्होंने बताया कि फ्रांस में इस मूर्ति को भारतीय मूल की साबित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।