अतर्रा। अपर जिलाधिकारी ने सोमवार को अतर्रा महाविद्यालय में छात्र नेताओं के साथ वार्ता की। समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया। टीचरों के साथ सामंजस्य बनाकर बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने को कहा। आंदोलन व उपद्रव करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
महाविद्यालय में स्नातक की सीटें बढ़ाने, यूजीसी व गर्ल्स हास्टल के धन में बंदरबाट के आरोप समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन व तोड़फोड़ के बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया। अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह ने प्राचार्य डीके द्विवेदी तथा छात्र नेताओं के साथ तीन घंटे वार्ता की। उनके साथ उप जिलाधिकारी सदर, नरैनी व बबेरू मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्र संघ अध्यक्ष गिरीश चतुर्वेदी, लवकुश पटेल, गौरव गुप्ता से समस्याएं जानीं। छात्रों ने कहा कि जो टीचर 18 किलोमीटर दूर से आते हैं, वे कस्बे में ही रहें। यूजीसी धन में हुए बंदरबाट व महिला छात्रावास में हुए धन के दुरुपयोग की जांच हो। पिछड़े व अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति अभी तक नहीं मिली। बीएससी (कृषि) प्रथम वर्ष में पूर्व की तरह प्रवेश दिए जाएं। स्थानीय छात्रों को प्रवेश में वरीयता दी जाए। स्नातक स्तर की सीटें बढ़ाई जाएं। बाहरी छात्रों को हर माह मिट्टी का तेल दिया जाए। छात्रावास में पंखे लगाए जाएं। अपर जिलाधिकारी ने कालेज प्रशासन से छात्रों की समस्याएं शीघ्र दूर करने को कहा। इस बीच कॉलेज परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सीओ केसी सिंह, नरैनी सीओ, थानाध्यक्ष अतर्रा, बदौसा, कालिंजर व बिसंडा भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।