बांदा। उफनाए बांधों से केन नदी में आई बाढ़ से 46 गांव और मजरों में खतरा पैदा हो गया है। नदी ने और ज्यादा विकराल रूप लिया तो तकरीबन 50 गांव और शहर के कई मोहल्ले चपेट में आ जाएंगे। केन में निम्न स्तर की बाढ़ आने पर कनवारा, ब्रह्मा डेरा, छनियाडेरा, रघुवंशी डेरा, हलुवा डेरा, टिकरी, धांधू डेरा, पिपरी, शंकरपुरवा, नांदादेव, रेहुंटा, चटगन, चटचटगन, सिंधनकलां, गुरगवां, सिंधन खुर्द, मरौली, क्योटरा, खप्टिहाकलां, सिमरन डेरा, शिवपाल डेरा, छनियाडेरा, सांड़ी, करिगा डेरा, अमान डेरा, बगैचा डेरा, उसरा डेरा, खैरेई, बरेहटा, चिलहेटा, छोटा पुरवा और गोड़ी बाबा गांवों सहित शहर के निम्नीपार, खुटला, क्योटरा पहाड़ तले, छाबी तालाब, मर्दननाका, मढ़ियानाका, कर्बला रोड, लड़कापुरवा, कंचनपुरवा, नोनिया मोहाल, शंभू नगर, कबीर नगर, कलामतपुरा आदि पानी से घिर और डूब जाते हैं। मध्य स्तर की बाढ़ आने पर तिंदवारी क्षेत्र के लगभग 30 गांव भी चपेट में आ जाते हैं। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों की बैठक दो माह पहले ही कर ली थी, लेकिन फिलहाल यह तैयारी नजर कहीं नहीं आ रहीं। हालांकि उप जिलाधिकारी सदर गिरीश कुमार शर्मा ने शुक्रवार को केन नदी जाकर बाढ़ का जायजा लिया। उनका कहना है कि ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। ब्यूरो