झोलाछाप द्वारा युवक का आरी से पैर काटे जाने के मामले में अदालत ने गैर इरादतन हत्या का जुर्म मानते हुए शुक्रवार को दोषी को चार साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना किया है। उसके पुत्र को बरी कर दिया गया।
जमानत न होने पर आरोपी जेल में है। तिंदवारी थाना क्षेत्र के सिंघौली गांव निवासी विधवा रामरती यादव पत्नी जगमोहन यादव ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके 25 वर्षीय पुत्र का खेत में हल से जुताई करते समय दाहिना पैर टूट गया था।
तिंदवारी में अस्पताल खोले फतेहपुर निवासी झोलाछाप शिवकुमार विश्वकर्मा पुत्र रामाधार ने गारंटी से पैर ठीक कर देने का दावा करते हुए तीन जनवरी 2016 को उसके पुत्र का पैर काटना शुरू किया।
इसके कुछ देर बाद नवल किशोर की मृत्यु हो गई। वहां से बाप-बेटे भाग गए। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी शिवकुमार विश्वकर्मा को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए धारा 304 में चार साल की कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर एक साल की और जेल भोगनी पड़ेगी। डाक्टर के बेटे प्रदीप कुमार को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।