बांदा। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने खुरहंड में चल रही रामकथा में रविवार को पांचवें दिन श्रीराम के विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने यह भी कहा कि वे केवल रामभक्त हिंदुओं की ही रोटी खाते हैं। वे राजमहल से लेकर झोपड़ी तक के हिंदुओं के हैं। कहा कि उन्हें जो सम्मान मिला है, वह सेवा का प्रतिफल है। अब तक तीन महाकाव्य और 206 पुस्तकें लिख चुके हैं।
इनमें 150 पुस्तकें संस्कृत भाषा में हैं। राम-सीता विवाह का वर्णन और साथ में गूंज रहे भजनों से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा के मेजबान विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि जनप्रतिनिधि नागरिकों का भौतिक विकास करते हैं, लेकिन धार्मिक और बौद्धिक विकास जगद्गुरु रामभद्राचार्य जैसे संतों से ही होता है।
विधायक ने कहा कि जगद्गुरु जैसा योग्य पुरुष इस समय पृथ्वी पर नहीं है। उन पर सरस्वती की विशेष कृपा है। कथा श्रोताओं में भाजपा के बांदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र संयोजक बालमुकुंद शुक्ल, आरएसएस वरिष्ठ प्रचारक उमाकांत, जिला कार्यवाह रामदेव, राजेश यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य गीता सिंह, नीलम त्रिपाठी, विनीता देवी, आराधना सिंह, नरैनी नगर पंचायत अध्यक्ष ओममणि वर्मा, रामजस द्विवेदी, मयंक द्विवेदी, संदीप राम मकरारिया, देवांश यश द्विवेदी भी शामिल रहे।