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एसडीएम और तहसीलदारों के सरकारी बंगले निरस्त

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बांदा। तहसीलों में तैनात उप जिलाधिकारी और तहसीलदारों द्वारा रात्रि विश्राम अपने तैनाती स्थलों पर न करके बांदा मुख्यालय में किए जाने के रवैए पर डीएम हीरा लाल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मंडल मुख्यालय में इन अधिकारियों को आवंटित किए गए सरकारी बंगले तत्काल प्रभाव से निरस्त करा दिए हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि ये अधिकारी तहसील मुख्यालय पर ही नियमित रूप से उपस्थित रहें और वहीं रात्रि विश्राम करें। डीएम की इस कार्रवाई के दायरे में तीन उप जिलाधिकारी और तीन तहसीलदार शामिल हैं।
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6 नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय ने निर्देश दिए हैं कि सभी राजस्व व पुलिस अधिकारी अपने-अपने तहसील/थाना में नियमित रूप से उपस्थित रहें। रात्रि विश्राम भी वहीं करें। मंगलवार को डीएम हीरा लाल द्वारा जारी आदेश में मुख्य सचिव का हवाला देकर कहा है कि कई एसडीएम और तहसीलदार तहसील मुख्यालय में रात्रि निवास न करके मुख्यालय में कर रहे हैं। इससे बालू खनन, सड़क दुर्घटना, सड़क जाम आदि पर फौरी कार्रवाई में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।


प्रभारी अधिकारी (कलक्ट्रेट नजारत) ने मंगलवार को ही मुख्य सचिव और डीएम के आदेशों का हवाला देकर बांदा मुख्यालय में स्थित तीन एसडीएम और तीन तहसीलदारों के सरकारी आवासों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इनमें बबेरू एसडीएम अरविंद कुमार तिवारी, अतर्रा एसडीएम सौरभ शुक्ला और नरैनी एसडीएम अवधेश कुमार श्रीवास्तव के आवास शामिल हैं। इन्हें यहां डीएम कालोनी में क्रमश: टाइप बी-9, बी-10 और 402 बंगले आवंटित थे। इसी तरह तहसीलदारों में बबेरू तहसीलदार सुनील कुमार, नरैनी तहसीलदार राजीव कुमार निगम और पैलानी तहसीलदार रामदयाल के आवास भी निरस्त कर दिए गए हैं। इन्हें क्रमश: सदर तहसील कैंपस टाइप द्वितीय-36 और टाइप तृतीय-32 आवास आवंटित थे। यह आदेश तत्काल लागू हो गया है।
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-तहसीलों में तैनात अफसरों को मुख्यालय में थे आवंटित
-मुख्य सचिव के निर्देश पर डीएम ने जारी किया आदेश
-बबेरू, अतर्रा और नरैनी के एसडीएम के बंगले खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
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