मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दांपत्य सूत्र में बंधे जोड़े।
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत यहां मुख्यालय में आयोजित वृहद आयोजन से जनप्रतिनिधि और अधिकांश अधिकारियों ने मुंह फेर लिया। अवकाश के चलते यह बड़ा आयोजन रस्म अदायगी में सिमट गया। मीडिया को कार्यक्रम का ब्योरा भी नहीं दिया गया। जबकि एक दिन पूर्व जिले के प्रभारी और प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने यहा सर्किट हाउस में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के बारे में जानकारियां दी थीं।
समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में शनिवार को जेएन डिग्री कालेज परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह होना था। प्रदेश के मंत्री धर्मपाल सिंह ने एक दिन पूर्व यहां मीडिया को यह जानकारी दी थी। शनिवार को आयोजित विवाह समारोह में कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। जबकि शासनादेश है कि इस आयोजन में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहकर वर-वधू को आशीर्वाद दें। बड़े अधिकारी भी शरीक नहीं हुए।
सूचना विभाग या समाज कल्याण विभाग ने आयोजन की प्रेस नोट भी जारी नहीं की। उधर, देर शाम समाज कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि 91 जोड़ों का विवाह हुआ है। इसमें एक मुस्लिम जोड़ा (शमा-फिरोज खां) भी शामिल हैं। इनका निकाह हुआ। हरेक जोड़े को 35 हजार रुपये दिए गए। सबसे ज्यादा 22 जोड़े बड़ोखर ब्लाक के रहे। महुआ के 15, जसपुरा व तिंदवारी के 12-12, बबेरू के 10, नरैनी व कमासिन के 5-5 जोड़े शामिल हुए। बांदा नगर पालिका क्षेत्र से मात्र एक जोड़ा शामिल रहा। आयोजन में समाज कल्याण अधिकारी सहित अर्थ एवं संख्या अधिकारी संजीव बघेल, ईओ संतोष कुमार मिश्रा सहित समाज कल्याण विभाग के जितेंद्र मिश्रा उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और बड़े अफसरों के बारे में बताया गया कि वह मुख्यमंत्री की बैठक में लखनऊ गए हुए हैं।