बांदा। निजी नलकूप लगाकर खेती की मंशा पाले चित्रकूटधाम मंडल के किसानों को पूरा शुल्क जमा करने के बाद भी बिजली का कनेक्शन नहीं मिल रहा। मंडल के 846 किसानों के आवेदन बिजली विभाग के स्टोर में अटके हैं। चालू वित्त वर्ष में 1000 से ज्यादा किसानों के आवेदन पावर कार्पोरेशन (विद्युत विभाग) में लंबित हैं। हरेक किसान ने 1.68 लाख रुपये की दर से शुल्क जमा कर रखा है। दूसरी तरफ पावर कार्पोरेशन महोबा को छोड़कर तीन जिलों में लक्ष्य से ज्यादा निजी नलकूपों को कनेक्शन देना बता रहा है।
चित्रकूटधाम मंडल में पर्याप्त बारिश न होने और सिंचाई के अन्य संसाधनों की कमी के चलते किसानों का रुझान निजी नलकूप की तरफ है। हालांकि इसके लिए उन्हें बड़ी रकम जुटानी पड़ रही है। कर्ज या अन्य किसी जरिये से रकम जुटाकर अपने खेतों में निजी नलकूप लगाने की उनकी कवायदों पर बिजली विभाग आड़े आ रहा है। साल भर बीत जाने के बाद भी वह कनेक्शन की प्रतीक्षा में हैं।
पावर कार्पोरेशन के आंकड़े बताते हैं कि मंडल के चारों जिलों में 3168 किसानों ने आवेदन किए हैं। हर किसान ने शुल्क के रूप में एक लाख 68 हजार रुपये जमा किया है। निजी नलकूप की मांग लगातार बढ़ रही है। पावर कार्पोरेशन द्वारा हर साल निर्धारित लक्ष्य कम पड़ रहा है। अपनी गाढ़ी कमाई या कर्ज में जुटाई रकम जमा करने के बाद भी किसान बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
सबसे ज्यादा 527 कनेक्शन बांदा में
बांदा। बिजली विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बांदा में 1007, चित्रकूट में 533, हमीरपुर में 1117 और महोबा में 511 (कुल 3168) आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। विभाग का दावा है कि इनमें बांदा में 527, चित्रकूट में 291, हमीरपुर में 410 और महोबा में 317 (कुल 1545) नलकूपों को कनेक्शन दिया जा चुका है।
लक्ष्य से ज्यादा कनेक्शन का दावा
विद्युत विभाग के मुताबिक वर्ष 2018-19 और 2019-20 में लक्ष्य से अधिक नलकूपों को कनेक्शन दिया गया है। यह बात अलग है कि आवेदन इससे भी ज्यादा हैं। बांदा में लक्ष्य के सापेक्ष 115.23 फीसदी, चित्रकूट में 100.48 फीसदी, हमीरपुर में 209.69 फीसदी और महोबा में 90.39 फीसदी निजी नलकूपों को कनेक्शन दिए गए हैं। चारों जिलों का औसत प्रतिशत 133.68 फीसदी है।
आवेदन लक्ष्य से ज्यादा आते हैं
चित्रकूटधाम मंडल के पावर कार्पोरेशन मुख्य अभियंता केके भारद्वाज का कहना है कि निजी नलकूपों के आवेदन लक्ष्य से कहीं ज्यादा होते हैं। ऐसे में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों का शुल्क जमा कर उन्हें कनेक्शन दिए जाते हैं। जो किसान लक्ष्य के बाहर रह जाते हैं, उन्हें अगले वर्ष समायोजित कर लिया जाता है। यह क्रम निरंतर चलता रहता है। ब्यूरो
15 दिन में कनेक्शन न मिले तो शिवसेना का करेगी आंदोलन
बांदा। शिवसेना उत्तर प्रदेश के राज्य उपप्रमुख और बुंदेलखंड प्रभारी महंत रतन ब्रह्मचारी ने सोमवार को मंडलायुक्त और बिजली विभाग के अभियंता को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि बुंदेलखंड के सातों जिलों में बड़ी संख्या में किसानों ने निजी नलकूपों के लिए कनेक्शन के आवेदन कर रखे हैं। एस्टीमेट का पैसा भी जमा कर दिया है। इसके बाद भी उन्हें कनेक्शन नहीं मिल रहे। चेतावनी दी कि 15 दिन में कनेक्शन नहीं दिए गए तो पूरे बुंदेलखंड में शिवसेना बिजली विभाग के कार्यालयों में धरना-प्रदर्शन करेगी।
मंडलायुक्त के कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद ब्रह्मचारी ने मुख्य अभियंता केके भारद्वाज को ज्ञापन दिया। कहा कि बुंदेलखंड में आवेदन करने वाले किसानों में मात्र 15 से 20 फीसदी ही लाइन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। विभाग के स्टोर में 25 केवी के ट्रांसफार्मर और तार नहीं हैं। कनेक्शन न मिलने से किसानों का पलेवा और बुआई नहीं हो पा रही। बिजली विभाग के अधिकारी इसमें घोर लापरवाही कर रहे हैं। 15 दिन में नलकूप नहीं चालू हुए तो हजारों एकड़ खेत सूखे के चपेट में आ जाएंगे। किसानों ने बैंक और साहूकारों से कर्ज लेकर नलकूप शुल्क का पैसा भरा है।