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तीन राज्यों से आए 79 मजदूर क्वारंटीन

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महोखर स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में ठहराए गए प्रवासी मजदूर। - फोटो : BANDA
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बांदा। गैर प्रांतों में फंसे प्रवासी मजदूरों को रोडवेज बसों से वापस लाने का सिलसिला शुरू हो गया। सोमवार को हरियाणा, पंजाब और गुजरात से 79 मजदूरों की पहली खेप यहां पहुंची। इन सभी को दो स्थानों पर 14 दिनों के लिए क्वारंटीन अवधि में रखा गया है। उनके स्वास्थ्य का परीक्षण भी कराया गया है।
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कोरोना संक्रमण की जांच के लिए नमूना भेजा जाएगा। तीन रोडवेज बसों से आए कुल 79 मजदूरों में 64 को महोखर गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और 15 को पैलानी जीआईसी में रखा गया है। इन सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
सुरक्षा में पुलिस तैनात की गई है। खप्टिहा कलां संवाद न्यूज के मुताबिक, सूरत से लाए गए 15 मजदूरों का डा. सतीश कुमार, फार्मासिस्ट रामा देवी आदि स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य चेकअप किया। उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग में रहने को कहा गया है। उधर, तहसीलदार राजीव निगम ने बताया कि सभी मजदूरों का सैंपल भेजा जाएगा।
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मीडिया को नहीं मिल पा रहीं सूचनाए
बांदा। लॉकडाउन घोषित होने के बाद डीएम अमित सिंह बंसल ने कई कार्यों के लिए अधिकारियों को जिम्मा सौंपा है। उनको अलग-अलग दायित्व दिए गए हैं।
इसमें एक अफसर को लॉकडाउन और इससे संबंधित जानकारी या सूचनाएं मीडिया को देने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अफसर अपनी ओर से मीडिया को कुछ बताना तो दूर, फोन तक भी रिसीव नहीं करते, जबकि इस समय सीएम और गृह सचिव जैसे कार्यालयों में फोन रिसीव हो रहे हैं।
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मंडलायुक्त भी मीडिया को फोन पर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। मीडिया को सूचनाएं न देने के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय को ट्विटर के जरिए बताया गया है।
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