बांदा/खप्टिहा कलां। पिछले हफ्ते केन और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ की स्थिति बना दी थी। इससे खेतों में खड़ी फसलों और कच्चे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। केन और यमुना किनारे बसे लगभग 46 गांवों में फसलें गलने की स्थिति में पहुंच गईं। प्रारंभिक दौर में अधिकारी इन गांवों में 75 प्रतिशत तक नुकसान की स्थिति बता रहे हैं। कुछ गांवों में ज्यादा बारिश से कच्चे घर गिर चुके हैं। हालांकि अब तेज धूप निकलने से खेतों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है।
पैलानी तहसील के कई गांवों और शहरी क्षेत्र की बस्तियों में घरों तक पानी पहुंचने से गृहस्थी का सामान खराब हो गया। जलभराव से अरहर, ज्वार और तिल की फसलें लगभग खराब हो चुकीं हैं। चुनुबाद, शिव शंकर तिवारी, गया सिंह, चौरंगा महराज, राम चरान निषाद आदि किसानों का कहना है कि करीब 4000 से अधिक बीघे में बुआई की थी। इसमें करीब 3600 बीघे फसल खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि एक दो दिन में पानी और कम नहीं हुआ तो बची फसल भी बर्बाद हो जाएगी।
बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए सर्वे दल गांवों में पहुंचने लगा है। पिछले तीन दिन से सर्वे टीम लगातार इस कार्य में जुटी हैं। पानी कम होते ही एक-दो दिन में सर्वे कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है। एसडीएम लाल सिंह यादव ने बताया कि गांव में नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीम को लगा दिया गया है। अभी कई जगहों पर पानी भरा हुुआ है। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, हमारी टीम उन गांवों का सर्वे पूरा करने में जुटी है। फसलों के सटीक आकलन के लिए तहसील से लिस्ट मिलते ही कृषि विभाग एक-दो दिन में नुकसान का सर्वे शुरू कर देगा।
पानी कम होते ही सताने लगी घर चलाने की चिंता
नदियों में पानी कम होने से किसान और ग्रामीण सहित बाढ़ पीड़ित लोग खासे दुविधा में हैं, क्योंकि कई गरीब परिवारों की गृहस्थी उजड़ी तो किसान की मेहनत पर भी पानी फिर गया। जिला प्रशासन ने इन हालातों से निपटने के लिए तात्कालिक तौर पर राहत और बचाव कार्य किए। मगर अब लोगों को आर्थिक नुकसान और उसकी भरपाई की चिंता सता रही है। गरीबों को घर-गृहस्थी का सामान दोबारा जुटाना मुश्किल होगा।
ऐसे पूरा होगा सर्वे का काम
प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित किसान और ग्रामीणों का सर्वे करने के बाद सूची ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों से दावे व आपत्तियां ली जाएंगी। फिर मकान क्षति, फसल नुकसान सहित अन्य क्षति के पीड़ितों को राहत राशि वितरित की जाएगी। राजस्व विभाग के अधिकारी चार-पांच दिनों में सर्वे कार्य पूरा होने की संभावना जता रहे हैं।
गांवों में पहुंचने लगी सर्वे टीम
बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए सर्वे दल गांवों में पहुंचने लगा है। पिछले तीन दिन से सर्वे टीम लगातार इस कार्य में जुटी हैं। पानी कम होते ही एक-दो दिन में सर्वे कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है। एसडीएम लाल सिंह यादव ने बताया कि गांव में नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीम को लगा दिया गया है। अभी कई जगहों पर पानी भरा हुुआ है। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, हमारी टीम उन गांवों का सर्वे पूरा करने में जुटी है।
जलमग्न खेत।- फोटो : BANDA
बाढ़ के पानी में डूबी फसलें।- फोटो : BANDA