चित्रकूटधाम मंडल में परिवहन निगम के बेड़े में 30 बसें कंडम हो गई हैं। यह नौ वर्षों में 11 लाख किलोमीटर दूरी तय करने का मानक पूरा कर चुकी हैं।
फिर भी परिवहन निगम इन खटारा बसों को चलाकर यात्रियों को जोखिम भरी यात्रा के लिए मजबूर कर रहा है।
परिवहन निगम के मंडलीय बेड़े में 422 बसें हैं।
इनमें बांदा की 13, महोबा की सात, राठ व हमीरपुर डिपो की 5-5 बसें कंडम हो गई हैं। अक्सर यात्रियों से भरी यह खटारा बसें रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव अग्रवाल ने बताया कि बसों को कंडम घोषित कर नीलाम करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
इन दिनों मंडल की एक सैकड़ा बसें चुनाव में चली गई हैं। मजबूरन यात्रियों की सुविधा के लिए कंडम बसों को चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहली जून को मानक पूरा कर चुकी बसों को बेड़े से अलग कर दिया जाएगा।
इन बसों की भरपाई के लिए मार्ग पर चलने वाली अन्य बसों के फेरे बढ़ा दिए जाएंगे। उधर, शासन से 50 बसों की मांग की गई है। उम्मीद है कि जल्द मंडल को एक दर्जन नई बसें मिलेंगी।