सामाजिक समरसता एवं सम्मान समारोह में इस पर हैरत जताई गई कि जिस बुंदेलखंड में प्राकृतिक संपदा का अपार भंडार हो, उसे आज दुर्दिन देखने पड़ रहे हैं। यहां पानी और रोटी के लाले पड़े हैं। कार्यक्रम आयोजक सर्व समाज ने घोषणा की कि समाज की ओर से बुंदेलखंड में सात ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। सातों जिलों में एक-एक ट्यूबवेल लगेगा।
रविवार को सिटी सेंटर सभागार में आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश महासम्मेलन अध्यक्ष डा.नीरज बोरा ने कवयित्री महादेवी वर्मा की कविता-बुंदेले हर बोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी... का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सामाजिक समरसता का आंदोलन हम बुंदेलखंड से ही शुरू करेंगे। सात ट्यूबवेल की स्थापना इसी की एक छोटी सी आहुति है।
यह ट्यूबवेल अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अग्रवाल की सहमति से लगेंगे। ट्यूबवेल के लिए स्थान और गांव चुनने की जिम्मेदारी समाज के बुंदेलखंड प्रभारी संतोष कुमार गुप्ता को दी गई है। उन्होंने कहा कि हम समाज को जोड़ने का काम करते हैं तोड़ने का नहीं।
दिल्ली से आए अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन महामंत्री और भारत सरकार में डिप्टी डायरेक्टर (स्वास्थ्य) बाबूराम गुप्ता ने कहा कि दुनिया में 26 करोड़ सर्व वैश्य हैं। इनमें तीन मुख्यमंत्री हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सर्व वैश्य हैं। श्री गुप्त ने घोषणा की कि पूरे देश में वैश्य समुदाय के जो भी लड़के-लड़कियां आईएएस/आईपीएस करना चाहेंगे उन्हें समाज की ओर से एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
मुख्य अतिथि और अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन एवं आईवीएफ अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह अजब सा लगता है कि प्राकृतिक संपदा से भरपूर बुंदेलखंड के हालात इतने खराब हो गए हैं। बुंदेलखंड प्रभारी संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि चरित्र निर्माण में लगे हरेक व्यक्ति को वैश्य समाज सम्मानित करेगा। देश भर में वैश्य सम्मेलन होंगे।
पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त ने कहा कि समाज में सभी वैश्य थे। सिर्फ शूद्रों को अलग किया गया था। उन्होंने समाज मजबूत करने के लिए एकजुटता पर जोर दिया। महासम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय पदाधिकारी अशोक अग्रवाल, डा.नीरज गुप्ता, सुनील गुप्ता, गिरधारी लाल गुप्ता, जिलाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, युवा अध्यक्ष शिवपूजन गुप्ता, मीडिया प्रभारी जर्नलिस्ट मनोज गुप्ता, राजीव अग्रवाल, अशोक ओमर आदि शामिल रहे। संचालन राजेंद्र रावत ने किया।