बांदा। केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने बुंदेलखंड में पर्यटन विकास के लिए तीन परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इसमेें चित्रकूट और श्रृंगवेरपुर में रामायण परिपथ के लिए वर्ष 2016-17 में 69 करोड़ 45 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। अलबत्ता केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा देश के ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों में ‘प्रसाद योजना’ के तहत चिह्नित किए गए 23 धार्मिक महत्व के स्थलों में चित्रकूट समेत बुंदेलखंड को शामिल नहीं किया गया है।
केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री डा. महेश शर्मा ने सांसद भैरो प्रसाद मिश्र के लोकसभा में पूछे गए सवाल पर सोमवार को बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने बुंदेलखंड क्षेत्र को शामिल करते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए तीन परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इनमें उत्तर प्रदेश में चित्रकूट और श्रृंगवेरपुर का रामायण परिपथ के रूप में वर्ष 2016-17 में विकास किया जाएगा। इसके लिए 69.45 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
पर्यटन राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रसाद योजना के तहत 23 धार्मिक स्थलों की पहचान की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश मेें मात्र अयोध्या और मथुरा को शामिल किया गया है। केंद्र ने प्रसाद योजना मेें चित्रकूट को शामिल नहीं किया। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत थीमैटिक परिपथों की पहचान की गई है। इसमें पूर्वोत्तर भारत परिपथ, बौद्ध परिपथ, हिमायलन परिपथ, तटीय परिपथ, कृष्णा परिपथ, मरुस्थल परिपथ, जनजातीय परिपथ, ईको परिपथ, वन्यजीव परिपथ, ग्रामीण परिपथ, आध्यात्मिक परिपथ और विरासत परिपथ शामिल हैं। गौरतलब है कि सांसद ने पर्यटन मंत्री से पूछा था कि देश के विभिन्न राज्यों में सरकार का पर्यटन केंद्रों की स्थापना का ब्योरा क्या है? साथ ही बुंदेलखंड को पर्यटन केंद्र के रूप में कोई प्रस्ताव है या नहीं?