बांदा। बिजली विभाग ने भले ही रिवैंप व विशेष योजना में शहर की लाइन दुरुस्त करने में 64 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। फिर भी रात में पीलीकोठी उप केंद्र में 11 हजार की लाइन टूटने से पूरी रात 50 हजार की आबादी अंधेरे में रही। इसके बाद 33 केवी की आपूर्ति ठप होने रविवार सुबह लोग पानी को तरस गए।
शहर में गर्मी के साथ बिजली कटौती ने लोगों का जीन दुश्वार कर दिया है। बिजली विभाग ने शहर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के लिए रिवैंप और विशेष योजना में करीब 64 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। शहर के जर्जर पोल बदलने के साथ नई एलटी लाइन (एबी केबल) डाली गई है। आए दिन फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ा दी गई है। साथ ही ब्रेकर भी बदले गए हैं, ताकि ओवरलोड होकर फुंके न। इन सबके बावजूद बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
शनिवार को शाम छह बजे से बिजली गुल होने का सिलसिला शुरू हुआ। पहले पीलीकोठी उपकेंद्र में 33 केवी में फाल्ट हो गया। कर्मचारी पेट्रोलिंग कर फाल्ट तलाशते रहे। इसके बाद आठ बजे बिजली आई। घरों में रोशनी हुई थी कि जिला परिषद के पास तार में ओवरलोड के चलते स्पार्किंग हुई और शटडाउन ले लिया गया। फिर लाइट आई तो दस बजे पीलीकोठी फीडर में 11 हजार लाइन का तार टूट गाय। इससे अलीगंज, गुलाब बाग, खाईंपार, अतर्रा चुंगी, नवाब टैंक की लाइट चली गई। करीब 50 हजार की आबादी पूरी रात गर्मी में परेशान रही। सुबह तीन बजे किसी तरह कर्मचारियों ने लाइन जोड़ी और लाइट चालू हुई। इसी बीच 33केवी से आपूर्ति बंद हो गई। रविवार को दिन में पोल व केबल बदलने का काम किया जा रहा था। इसलिए सुबह दस बजे से महेश्वरीदेवी, स्टेशन रोड व अलीगंज फीडर की लाइट बंद कर दी गई। शाम पांच बजे तक इसे फिर चालू की गई। इस तरह पिछले 24 घंटे में चार जगह तार जले तो दो जगह जंपर उड़े।
वर्जन-
-तेज हवा और ओवरलोडिंग के कारण कुछ जगह तार टूटे थे, कर्मचारियों को भेजकर उन्हें दुरुस्त करा लिया गया है। सभी फीडर दुरुस्त हैं और आपूर्ति दी जा रही है।
-चंदन यादव, उप खंड अधिकारी, पीलीकोठी, बांदा
प्रदीप द्विवेदी