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रोडवेज के 63 संविदा कर्मियों को हटाया

Sun, 15 Apr 2018 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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रोडवेज में प्रदर्शन करते हटाए गए संविदा कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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संविदा पर काम कर रहे आईटीआई प्रमाणपत्र धारकों को रोडवेज से हटा दिए जाने पर शनिवार को कर्मियों ने प्रदर्शन किया और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा है कि जांच की जा रही है। हटाए गए कर्मियों के बारे में सहानुभूतिपूर्वक निर्णय होगा। 

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ज्ञापन में आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों ने कहा कि वह चित्रकूटधाम मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय व डिपो आदि में वर्ष 2009-10 से कार्य कर रहे थे। उनकी संख्या लगभग 63 है। ईपीएफ न काटे जाने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत कर ईपीएफ कटौती की मांग की थी। कर्मियों ने आरोप लगाया कि इस मांग से सेवा प्रबंधक नाराज थे। मानदेय में कटौती और लेटलतीफी करते रहे।

अब ठेकेदार के माध्यम से काम करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इसमें कमीशनबाजी का खेल है। कर्मियों ने और भी कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विरोध से नाराज सेवा प्रबंधक ने सभी कर्मियों को निकालने का आदेश दे दिया। 13 अप्रैल से काम पर नहीं लिया जा रहा। कोई कारण भी नहीं बताया जा रहा। यह निगम के साथ साजिश और कर्मियों के साथ अन्याय है। मांग की कि सभी कर्मियों को पूर्व की तरह उन्हीं स्थानों पर तैनात किया जाए वरना 17 अप्रैल से धरने पर बैठेंगे।
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ज्ञापन देने वालों में संजय कुमार, लवकुश, महावीर, चंद्रशेखर, मनोज, रामदेव, रामनारायण, प्रणेंद्र कुमार चक्रवर्ती, सुरेश पाठक, कमलेश कुमार, जुगुल किशोर, चमनलाल, बिंदेश्वरी बाबू, दुर्गेश कुमार, ज्ञानचंद्र वर्मा, सुरेश विश्वकर्मा, धीरेेंद्र, अशोक कुमार, ओम प्रकाश, विकास, चंद्रपाल यादव सहित सभी कर्मी शामिल रहे। उधर, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके अग्रवाल ने बताया कि कर्मियों को हटाने की उन्हें जानकारी नहीं थी। कर्मियों ने उन्हें ज्ञापन दिया है। हटाए जाने के प्रकरण की जांच चल रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि कर्मियों के पक्ष में ही कार्रवाई होगी।

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