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श्रमिकों के लिए जन्म से मृत्यु तक योजनाएं

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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में उप श्रमायुक्त कार्यालय में जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं व अधिकारों की जानकारी दी गई।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सचिव संजय कुमार ने कहा कि भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत श्रमिकों के लिए सरकार ने जन्म से अंत्येष्टि तक के लिए एक दर्जन से अधिक योजनाएं संचालित की हैं लेकिन जागरूकता की कमी से इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहा कि श्रम विभाग से पंजीकृत श्रमिक का कार्य स्थल में उत्पीड़न होता है या मजदूरी आदि नहीं दी जाती है तो उसकी सुनवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में संचालित स्थायी लोक अदालत में की जाएगी। श्रमिक को निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा। उप श्रमायुक्त चित्रकूट धाम मंडल अनुराग मिश्र ने बताया कि कोई भी श्रमिक 90 दिन का कार्य प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति व 40 रुपये शुल्क जमा कर अपना पंजीयन और 20 रुपये शुल्क जमा कर नवीनीकरण करा सकता है।
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उपायुक्त ने बताया कि श्रमिकों के बच्चों के लिए शिशु हितलाभ लाभ योजना संचालित है। इसमें पुत्र या पुत्री होने पर 12 से 15 हजार, श्रमिक महिला की दिव्यांगता या निधन पर दो से पांच लाख की सहायता दी जाती है। इसके अलावा शिक्षा सहायता, कन्या विवाह सहायता, छात्रवृत्ति, गंभीर बीमारी सहायता, अक्षमता पेंशन योजना आदि भी योजनाएं चल रही हैं। पराविधिक स्वयं सेवक राशिद अली ने श्रमिक पंजीयन की जानकारी दी। विभिन्न योजनाओं से संबंधित पांच श्रमिक लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में काउंसलर जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवकुमार, शिवाकांत, मो. इम्त्यिाज, सुदामा प्रसाद, आरके वर्मा रोडवेज कर्मचारी संघ श्रमिक संगठन प्रतिनिधि नासिर, ओमजीत सविता आदि मौजूद रहे।


-बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों को ही मिलता है लाभ
-विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर में दी जानकारी
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