बांदा। भारत स्वच्छता मिशन (नगरीय) की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की है। जिले में अभियान के तहत अभी तक महज 25 फीसदी स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराया गया है। नगर पालिका बांदा व नगर पंचायत ओरन की स्थिति बेहद खराब होने पर ईओ को कड़ी चेतावनी दी है।
जिले की सभी निकायों में 12,256 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें 2,296 बनकर तैयार हो पाए हैं। जबकि 6539 स्वच्छ शौचालय अभी बनाए जाने हैं। धीमी प्रगति पर अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता ने अधिशाषी अधिकारियों को चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा है कि समीक्षा में पाया गया है कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में नगरीय क्षेत्रों की स्थिति खराब है। नगर पालिका बांदा में 4068 शौचालय निर्माण का लक्ष्य है। इसमें महज 34 शौचालय तैयार हुए हैं। बाकी शौचालय निर्माणाधीन हैं। ऐसे ही नगर पंचायत ओरन में 1051 में महज 85 शौचालय बने हैं।
87 में काम चल रहा है। अतर्रा में 3305 लक्ष्य के मुकाबले 846 तैयार हैं और 506 में निर्माण चल रहा है। बबेरू में 760 लक्ष्य में 168 शौचालय बने हैं और 585 अधूरे हैं। नरैनी में 959 के लक्ष्य में 345 बन गए हैं और 510 पर कार्य चल रहा है।
बिसंडा में 1073 के सापेक्ष 138 बनकर तैयार हुए हैं। 124 में यहां निर्माण चल रहा है। मटौंध में 1018 में 338 बने हैं और 457 में काम चल रहा है। एडीएम ने अधिशासी अधिकारियों को व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
-शौचालयों के 12,256 लक्ष्य में 2,296 हुए तैयार
-एडीएम ने अधिशासी अधिकारियों को दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो