संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में एक बार फिर किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। स्थिति ये है कि बीमा कंपनी ने प्रीमियम के नाम पर 4.66 करोड़ रुपये वसूले हैं, जबकि क्लेम केवल 28 लाख को ही दिया है। इसे लेकर किसानों का कहना कि 600 किसानों ने क्लेम के लिए दावा किया था। लेकिन क्लेम के लिए सिर्फ 334 को बुलाया गया।
खरीफ वर्ष 2023 में जनपद के 46628 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 43008 हेक्टेयर भूमि का बीमा कराया। इसमें 43208 ऋणी व 3420 गैर ऋणी किसानों ने बीमा कराया। बीमा कंपनी यूनीवर्सल जनरल इंश्योरेंश ने किसानों से प्रीमियम के रूप में चार करोड़ 66 लाख 93 हजार 87 रुपये वसूल किए।
बीमा कंपनी को केंद्रांश व राज्यांश के रूप में सरकारों ने 13 करोड़ 17 लाख दो हजार 612 रुपये दिए। कुल 17 करोड़ 84 लाख 19 हजार 208 रुपये प्रीमियम लेने के बाद भी कंपनी धेला नहीं देना चाहती है।
महज सितंबर में बे-मौसम बारिश से 50 फीसदी से अधिक किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। 600 से अधिक किसानों के व्यक्तिगत दावे किए थे। कंपनी ने दिसंबर माह में 334 व्यक्तिगत दावों का निस्तारण करते हुए महज 28.82 लाख की धनराशि क्लेम के रूप में जारी की, लेकिन हैरत की बात तो यह है कि किसी किसान को 500 तो किसी को हजार रुपये दिया है। जिससे किसानों में खासा आक्रोश है।
किसानों की बात...
बिसंडा के किसान दिनेश मिश्रा का कहना है कि किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक हर साल बीमा का प्रीमियम काट लेता है। लेकिन नुकसान होने पर धेला नहीं मिलता है। इस वर्ष खरीफ में किसी को 500 तो किसी को एक हजार का क्लेम मिला है।
अतर्रा की महिला किसान रानी का कहना है कि सितंबर माह में दैवीय आपदा से खरीफ की फसल खराब हो गई थी। लेकिन अभी तक क्लेम की एक पाई नहीं मिली। जानकारी की तो बोले कि मामूली नुकसान है एक हजार क्लेम मिलेगा।
किसान ब्रहम्दत्त के मुताबिक जांच के दौरान क्लेम अधिकारी जांच के लिए भी आए थे। क्षति देखकर आश्वासन देकर चले गए थे। इसके बाद से कुछ नहीं हुआ। अभी तक इंतजार ही किया जा रहा है। न जाने कब धनराशि हाथ लेगी।
दावों की अभी भी जांच की जा रही है। जैसे-जैसे यह पूरी होती जाएगी, किसानों के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी। रही बात कम धनराशि की तो जिसका जितना नुकसान हुआ है, उसे उतनी धनराशि दी जा रही है।
-रवि कुमार, जिला कोआर्डिनेटर यूनिवर्सल बीमा कंपनी